दिल्ली के सरकारी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों का नया शेड्यूल 9वीं, 10वीं और 12वीं के लिए लगेंगी स्पेशल क्लासेज

दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations 2026) को लेकर शिक्षा निदेशालय (DoE) ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है। जहाँ एक ओर प्राइमरी और मिडिल स्कूल के छात्रों के लिए छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, वहीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को देखते हुए कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए इस बार गर्मियों का अवकाश थोड़ा अलग होगा।

छुट्टियों के बीच लगेंगी ‘रेमेडियल क्लासेज’ 

शिक्षा निदेशालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आगामी शैक्षणिक सत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्य विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • लक्ष्य: कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए गणित (Maths), विज्ञान (Science) और अंग्रेजी (English) जैसे विषयों के लिए ‘रेमेडियल क्लासेज’ आयोजित की जाएंगी।

  • उद्देश्य: पिछले साल के लर्निंग गैप को भरना और बोर्ड परीक्षा वाले छात्रों को शुरुआती बढ़त दिलाना।

  • समय सीमा: ये कक्षाएं छुट्टियों के शुरुआती पखवाड़े में आयोजित की जा सकती हैं, ताकि छात्रों को बाद में आराम के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए निर्देश

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि:

  1. उपस्थिति: इन कक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों और संबंधित शिक्षकों का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाएगा।

  2. सिलेबस कवरेज: रेमेडियल कक्षाओं का मुख्य फोकस उन टॉपिक्स पर होगा जो छात्रों को कठिन लगते हैं।

  3. मिशन बुनियाद: कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘मिशन बुनियाद’ (Mission Buniyaad) के तहत गतिविधियां जारी रह सकती हैं, ताकि उनकी बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता मजबूत हो सके।

सामान्य छुट्टियों का विवरण 

  • दिल्ली के अधिकांश सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सामान्य तौर पर गर्मियों की छुट्टियां 11 मई से 30 जून के आसपास निर्धारित होती हैं।

  • हालांकि, विशेष कक्षाओं के कारण वरिष्ठ छात्रों को कुछ दिन अतिरिक्त स्कूल आना होगा।

  • स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे भीषण गर्मी (Heatwave) को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं का समय सुबह की पाली (Morning Shift) में ही रखें।

छात्रों के लिए ‘हैप्पीनेस’ और ‘क्रिएटिव’ प्रोजेक्ट्स

छुट्टियों के दौरान छात्रों को केवल किताबी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ के तहत मनोरंजक प्रोजेक्ट्स भी दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छुट्टियों के दौरान छात्रों का मानसिक विकास होगा और वे तनावमुक्त होकर वापस स्कूल लौटेंगे