
नीट यूजी (NEET UG 2026) के परीक्षार्थियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। एनटीए ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि 3 मई को पेपर लीक विवाद के कारण रद्द हुई परीक्षा की फीस वापसी (Fees Refund) के लिए विशेष रिफंड पोर्टल को एक्टिवेट कर दिया गया है। ऐसे सभी छात्र जिन्होंने पहली परीक्षा के लिए पंजीकरण शुल्क का भुगतान किया था, वे अब अपनी बैंक डिटेल्स जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। आपको बता दें कि रद्द हुई इस परीक्षा के बाद, नीट यूजी 2026 का री-एग्जामिनेशन (दोबारा परीक्षा) आगामी 21 जून, 2026 को आयोजित किया जाना तय हुआ है।
कैफे से फॉर्म भरने वाले छात्र ध्यान दें: वरना दूसरे के खाते में चले जाएंगे पैसे
एनटीए ने इस रिफंड प्रक्रिया को लेकर छात्रों के लिए एक बेहद जरूरी और कड़क चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक, ऐसे छात्र जिन्होंने अपना फॉर्म किसी इंटरनेट कैफे से भरवाया था, किसी दोस्त या फिर किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट/कार्ड से फीस कटवाई थी, उन्हें तय तारीखों के भीतर रिफंड मॉड्यूल में जाकर अपने खुद के बैंक खाते की डिटेल्स को अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा।
यदि छात्र ऐसा नहीं करते हैं, तो रिफंड की राशि ऑटोमैटिकली उसी पुराने खाते में वापस चली जाएगी जिससे मूल रूप से पेमेंट काटा गया था। इसके साथ ही, जब तक एनटीए अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर स्पष्ट गाइडलाइंस जारी न करे, तब तक किसी भी अनवेरिफाइड या फर्जी लिंक पर अपनी गोपनीय बैंक डिटेल्स डालने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। आगे बढ़ने से पहले हमेशा एनटीए के आधिकारिक यूआरएल (URL) को अच्छी तरह वेरिफाई कर लें।
कैटेगरी के अनुसार कितना मिलेगा रिफंड अमाउंट?
एनटीए के नियमों के मुताबिक, रिफंड की जाने वाली राशि छात्रों द्वारा पंजीकरण के समय जमा की गई मूल फीस के बिल्कुल बराबर होगी। कैटेगरी के अनुसार रिफंड का पूरा गणित इस प्रकार है:
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जनरल कैटेगरी (General): ₹1,700
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ओबीसी और ईडब्ल्यूएस (OBC/EWS): ₹1,600
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एससी, एसटी और दिव्यांग (SC/ST/PwD): ₹1,000
एनटीए ने पहले ही साफ कर दिया है कि 21 जून को होने वाले री-एग्जामिनेशन में बैठने के लिए किसी भी छात्र से कोई भी अतिरिक्त या नया शुल्क नहीं लिया जाएगा।
संसदीय समिति के सामने पेश हुए एनटीए अध्यक्ष
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने एनटीए अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी में बड़े सुधारों को लागू करने और पेपर लीक मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर चर्चा की गई। बैठक में एनटीए अधिकारियों के साथ हायर एजुकेशन सेक्रेटरी विनीत जोशी और शिक्षा मंत्रालय के कई अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
21 जून को री-एग्जाम: सिटी चॉइस बदलने का आज आखिरी मौका
रिफंड प्रक्रिया के बीच एनटीए ने 21 जून को होने वाले री-एग्जाम को लेकर कुछ बेहद कड़े और अंतिम नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं, जिन पर छात्रों को तुरंत ध्यान देना चाहिए:
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तय समय और मोड: यह परीक्षा 21 जून, 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक पूरी तरह से ऑफलाइन यानी पेन-एंड-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी।
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एग्जाम सिटी बदलने की लास्ट डेट: यदि कोई छात्र अपने परीक्षा केंद्र का शहर बदलना चाहता है, तो उसके पास 21 मई, 2026 की रात 11:50 बजे तक ही ऑनलाइन विकल्प चुनने का अंतिम मौका है। इसके बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा।
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भाषा में बदलाव नहीं: मूल आवेदन के दौरान छात्रों ने परीक्षा के लिए जिस भाषा (माध्यम) का चुनाव किया था, उसे अब किसी भी स्थिति में बदला नहीं जा सकता। वो अंतिम माना जाएगा।
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तारीख में कोई बदलाव नहीं: एनटीए ने पूरी दृढ़ता से स्पष्ट किया है कि 21 जून की तारीख अंतिम है। यदि उस दिन किसी अन्य राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय परीक्षा के साथ टाइम क्लैश होता है, तो भी नीट की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
यदि किसी छात्र को पिछले एग्जाम सेंटर से जुड़ी कोई शिकायत या समस्या है, तो वे अपने वैलिड सपोर्टिंग डाक्यूमेंट्स के साथ एनटीए के आधिकारिक हेल्पडेस्क [email protected] पर अपनी बात मेल कर सकते हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर उड़ने वाली अफवाहों के बजाय केवल एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
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