Jaynagar to Janakpur Train: बिहार बॉर्डर से सीधे नेपाल पहुंचाती है यह पैसेंजर ट्रेन, किराया सुनकर रह जाएंगे हैरान

अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी के मौसम में कम पैसे और सीमित बजट में विदेश यात्रा करने का सपना देख रहे हैं, तो भारत का सबसे करीबी और खूबसूरत पड़ोसी देश नेपाल आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है। नेपाल जाने के लिए अब आपको महंगे हवाई जहाज (प्लेन) के टिकट या लंबे बस सफर पर निर्भर रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि आप भारत से सीधे पैसेंजर ट्रेन के जरिए भी नेपाल की सरजमीं पर कदम रख सकते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अंतरराष्ट्रीय सफर का शुरुआती किराया मात्र 44 रुपये है। ट्रेन के इस सुहाने सफर के जरिए कुछ ही घंटों में आप नेपाल पहुंचकर वहां की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का दीदार कर सकते हैं।

जयनगर–जनकपुर–कुर्था रूट: दोनों देशों को जोड़ने वाली ऐतिहासिक कड़ी

भारत और नेपाल के गहरे कूटनीतिक व सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला जयनगर–जनकपुर–कुर्था रेलमार्ग एक ऐतिहासिक सीमा-पार (Cross-Border) रेल इंफ्रास्ट्रक्चर है। इस ट्रेन सेवा का सफल संचालन आधिकारिक रूप से ‘नेपाल रेलवे कंपनी लिमिटेड’ द्वारा किया जाता है। यह रेलमार्ग नेपाल का पहला ब्रॉड-गेज यात्री रेल नेटवर्क है, जो भारत और नेपाल के आम नागरिकों, पर्यटकों और विशेषकर हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए एक जीवन रेखा और महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। अगर नेपाल के प्रसिद्ध मंदिरों और वादियों को घूमना लंबे समय से आपकी बकेट लिस्ट में शामिल रहा है, तो यह ट्रेन उसे पूरा करने का सबसे आसान और सबसे किफायती जरिया है।

ट्रेन की मुख्य विशेषताएं और आधुनिक कोच

इस सीमा-पार पैसेंजर ट्रेन को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए भारतीय रेलवे की इकाई कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन (Konkan Railway) द्वारा आधुनिक 1600 HP डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU) रैक की आपूर्ति की गई है।

  • रफ़्तार और डिजाइन: इस डेमू (DEMU) ट्रेन को अधिकतम 100 किमी/घंटा की परिचालन गति से पटरियों पर दौड़ने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।

  • कोच की श्रेणियां: आम यात्रियों और कम बजट वाले लोगों के लिए यह ट्रेन मुख्य रूप से नॉन-एसी (Non-AC) जनरल कोचों के साथ चलती है। हालांकि, यात्रा को लग्जरी और आरामदायक बनाने के लिए प्रत्येक रैक में दो पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) कोच भी जोड़े गए हैं।

रूट्स, कुल दूरी और मुख्य स्टेशन

बिहार के मधुबनी जिले से शुरू होकर यह रेलमार्ग नेपाल के धनुषा जिले तक लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तय करता है। इस छोटे लेकिन रोमांचक सफर के मुख्य बड़े स्टेशन इस प्रकार हैं:

मुख्य स्टॉपेज: जय नगर (भारत) $\rightarrow$ इनरवा (नेपाल का मुख्य सीमा प्रवेश द्वार) $\rightarrow$ खजुरी $\rightarrow$ महिनाथापुर $\rightarrow$ बैदेही $\rightarrow$ परवाहा $\rightarrow$ जनकपुर धाम (मां सीता की नगरी) $\rightarrow$ कुर्था (इस रेलमार्ग का अंतिम पड़ाव)।

  • यात्रा की अवधि: भारतीय सीमा के जयनगर स्टेशन से अंतिम स्टेशन कुर्था तक पूरी दूरी तय करने में ट्रेन को लगभग 2 घंटे का समय लगता है। वहीं, प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्र ‘जनकपुर धाम’ तक पहुंचने में यह ट्रेन महज 1 घंटा 20 मिनट का समय लेती है।

ट्रेनों का समय और डेली शेड्यूल

यह पैसेंजर ट्रेन प्रतिदिन दोनों देशों की सीमाओं को पार करते हुए कई फेरे (आना-जाना) लगाती है। चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय रूट है, इसलिए ट्रेनों का समय पूरी तरह से भारत-नेपाल सीमा-संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल और इमिग्रेशन के अधीन होता है:

  • सुबह की रवानगी (JK1 DEMU): यह ट्रेन भारत के जयनगर रेलवे स्टेशन से हर सुबह 08:30 बजे (IST) प्रस्थान करती है। इसके बाद सुबह 09:50 बजे यह नेपाल के जनकपुर धाम पहुंचती है और सुबह 10:30 बजे अपने अंतिम पड़ाव कुर्था पर यात्रा समाप्त करती है।

  • वापसी की यात्रा (KJ1 DEMU): नेपाल के कुर्था स्टेशन से यह ट्रेन सुबह 11:00 बजे वापस भारत के लिए रवाना होती है। सुबह 11:15 बजे जनकपुर धाम स्टेशन से गुजरते हुए दोपहर 12:45 बजे यह वापस भारत के जयनगर स्टेशन पहुंच जाती है।

(विशेष नोट: दोपहर और शाम के अन्य वैकल्पिक फेरों का कार्यक्रम यात्रियों की मौसमी संख्या और भीड़ के आधार पर नेपाल रेलवे द्वारा स्थानीय स्तर पर घोषित किया जाता है।)

आसान भुगतान: भारतीय और नेपाली दोनों करेंसी हैं मान्य

इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद सस्ता किराया है। टिकट खिड़की पर यात्री अपनी सुविधा के अनुसार भारतीय रुपये (INR) या नेपाली रुपये (NPR) दोनों में से किसी भी करेंसी में किराए का भुगतान बेहद आसानी से कर सकते हैं।

इसके साथ ही, यदि आप मध्य प्रदेश या मध्य भारत से सीधे लंबी दूरी की यात्रा करना चाहते हैं, तो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) भी मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल से नेपाल के लिए अपनी पहली ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ शुरू करने जा रहा है। ‘पशुपतिनाथ नेपाल दर्शन यात्रा’ नाम का यह प्रीमियम पैकेज रेल यात्रा, 3-स्टार होटलों में ठहरने, शुद्ध शाकाहारी खाने-पीने और नेपाल के पोखरा व काठमांडू जैसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर को एक ही ऑल-इनक्लूसिव टूर में जोड़ता है, जिसकी बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू हो चुकी है।