
पटना: बिहार के लोगों के लिए आने वाले दो दिन भारी पड़ने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी के बाद मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने जहां एक तरफ तापमान में गिरावट दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ किसानों और आम जनजीवन के लिए बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। विभाग की मानें तो उत्तर और पूर्व बिहार के जिलों में कुदरत का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।
गरज-चमक के साथ गिरेंगे ओले, 40-50 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, बिहार के ऊपर एक ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में यह उथल-पुथल मची है। अगले 48 घंटों के दौरान पटना, भागलपुर, पूर्णिया और गया समेत कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (वज्रपात) और ओलावृष्टि को लेकर लोगों को सतर्क किया है। खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेना जानलेवा साबित हो सकता है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें, फसलों को भारी नुकसान का डर
बेमौसम की इस बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में खड़ी और खलिहानों में रखी फसलों, विशेषकर आम और लीची की बागवानी को इस आंधी-बारिश से भारी नुकसान होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें और छिड़काव जैसे कार्यों को फिलहाल टाल दें। तेज हवाओं के कारण आम के मंजर और छोटे फलों के झड़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की गाइडलाइन
मौसम की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासनों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। जलजमाव और बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगमों को तैयार रहने को कहा गया है। आम जनता से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों व जर्जर इमारतों से दूर रहें। शनिवार और रविवार को राज्य के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी ही बचाव है।
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