News India Live, Digital Desk: सनातन धर्म में भगवान विष्णु के ‘नृसिंह अवतार’ को शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में नृसिंह जयंती का पर्व बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान नृसिंह की आराधना करते हैं, उनके जीवन से न केवल नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, बल्कि दरिद्रता का भी नाश होता है। यदि आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी या शत्रुओं की बाधा से परेशान हैं, तो इस नृसिंह जयंती पर विशेष मंत्रों का जाप आपके भाग्य के द्वार खोल सकता है।
अद्भुत है भगवान नृसिंह का स्वरूप और उनकी महिमा भगवान विष्णु ने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्मी हिरण्यकश्यप के संहार के लिए आधा नर और आधा सिंह का ‘नृसिंह अवतार’ लिया था। ज्योतिषविदों के अनुसार, नृसिंह जयंती के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक व्रत रखने और संध्या काल में भगवान की पूजा करने का विधान है। इस दिन विशेष मंत्रों के उच्चारण से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और व्यक्ति को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
आर्थिक लाभ और सफलता के लिए करें इन मंत्रों का जाप अगर आप करियर में तरक्की चाहते हैं या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो ‘ॐ श्री लक्ष्मीनृसिंहाय नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके अलावा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए ‘ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥’ का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है। यह मंत्र न केवल सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है, बल्कि साधक के भीतर अदम्य साहस का संचार भी करता है।
नृसिंह जयंती पर पूजा की सरल विधि और सावधानी पूजा के दौरान भगवान नृसिंह को पीले फूल, धूप, दीप और विशेष रूप से केसरिया चंदन अर्पित करना चाहिए। चूंकि भगवान नृसिंह का क्रोध अत्यंत तीव्र था, इसलिए उनकी पूजा के बाद माता लक्ष्मी की आरती अवश्य करें, ताकि उनका सौम्य रूप आपको आशीर्वाद प्रदान करे। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और किसी के प्रति द्वेष भावना न रखें। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाता है।
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