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JTET 2026: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के नए नियम जारी, देवनागरी में जनजातीय भाषा और पासिंग मार्क्स की पूरी डिटेल

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News India Live, Digital Desk: झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 के लिए नियमावली में कई बदलाव किए गए हैं। इस बार क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की परीक्षा को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है। खास बात यह है कि जनजातीय भाषाओं की परीक्षा अब देवनागरी लिपि में आयोजित की जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा देना काफी सरल हो जाएगा।

जनजातीय भाषा: अब देवनागरी लिपि में होगी परीक्षा

झारखंड सरकार ने अभ्यर्थियों की सहूलियत को देखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब जनजातीय भाषाओं (जैसे संताली, मुंडारी, हो, कुड़ुख, खड़िया आदि) के प्रश्न पत्र देवनागरी लिपि में तैयार किए जाएंगे। इसका सीधा फायदा उन उम्मीदवारों को मिलेगा जो अपनी स्थानीय बोली तो जानते हैं लेकिन संबंधित भाषा की मूल लिपि से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की सूची निर्धारित की गई है, जिसे अभ्यर्थियों को अपने गृह जिले या आवेदन वाले जिले के अनुसार चुनना होगा।

क्या हैं इस साल के पासिंग मार्क्स? (Category-wise Cut-off)

JTET 2026 में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी कैटेगरी के अनुसार न्यूनतम अंक हासिल करने होंगे। इस बार पासिंग मार्क्स को लेकर स्पष्टता दी गई है ताकि किसी भी तरह का भ्रम न रहे। परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी।

श्रेणी (Category) न्यूनतम प्रतिशत (Passing %) आवश्यक अंक (Out of 150)
सामान्य / EWS 60% 90
पिछड़ा वर्ग (BC-I & BC-II) 55% 82.5 (लगभग 83)
SC / ST / PVGT 52% 78
दिव्यांग अभ्यर्थी 52% 78

परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण जानकारियां

झारखंड टीईटी परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित की जाएगी। पेपर-1 कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के लिए होगा, जबकि पेपर-2 कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के लिए। दोनों ही पेपरों में 150 वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि इस परीक्षा में कोई भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी, जिससे अभ्यर्थी बेझिझक सभी प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है, जो मई के अंत तक चलेगी।

झारखंड के युवाओं के लिए बड़ा अवसर

करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा में उम्र सीमा में भी राहत दी गई है। अभ्यर्थियों को उनकी कैटेगरी के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में अतिरिक्त छूट दी जाएगी। राज्य के सरकारी स्कूलों में सहायक आचार्य के पदों पर भर्ती के लिए JTET पास होना अनिवार्य है। ऐसे में यह उन हजारों छात्रों के लिए सुनहरा मौका है जो पिछले कई सालों से झारखंड में स्थाई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे थे।

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