
राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के नजदीक रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय निजी वाहन मालिकों के लिए मंथली लोकल पास के नियमों में बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है। 1 नवंबर से लागू हो रहे इस नए संशोधित फ्रेमवर्क के तहत अब टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को पास बनवाने के लिए टोल बूथ के चक्कर काटने या कतारों में लगकर कागजात जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और फास्टैग से स्वतः लिंक कर दिया गया है।
सरकार के नेशनल हाईवे फीस रूल्स के अनुसार, यह रियायती पास केवल उन नागरिकों के लिए मान्य है जिनका निवास स्थान संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा से अधिकतम 20 किलोमीटर की भौगोलिक परिधि (aerial/road radius) में आता है।
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पात्र वाहन: यह छूट केवल गैर-व्यावसायिक यानी निजी वाहनों (कार, जीप, वैन) के लिए लागू होगी। टैक्सी, कैब, पिकअप या किसी भी प्रकार के व्यावसायिक परमिट वाले वाहनों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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सक्रिय फास्टैग जरूरी: वाहन की विंडशील्ड पर उसी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से मैप हुआ एक्टिव फास्टैग लगा होना अनिवार्य है। किसी अन्य वाहन के फास्टैग या ब्लैकलिस्टेड टैग पर यह छूट नहीं मिलेगी।
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असीमित आवागमन: एक बार पास एक्टिव होने के बाद वाहन चालक महीने भर में जितनी बार चाहे, उस निर्धारित टोल प्लाजा से बिना अतिरिक्त पैसे दिए गुजर सकता है।
संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत लोकल मंथली पास का शुल्क ₹350 प्रति माह तय किया गया है। पहले जहां हर महीने टोल दफ्तर जाकर नया पास रिन्यू कराना सिरदर्द साबित होता था, वहीं अब इसे पूरी तरह ऑटोमैटिक बना दिया गया है। 1 नवंबर से वाहन चालक अपने यूपीआई, नेट बैंकिंग या फास्टैग वॉलेट के जरिए सीधे ‘ऑटो-रिन्यू’ का विकल्प चुन सकेंगे। यदि यूजर चाहे तो पूरे साल के लिए एनुअल पास का विकल्प भी ले सकता है, जिसकी दरें भी निर्धारित स्लैब के तहत उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे रोजाना दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या बाजार जाने के लिए टोल पार करने वाले स्थानीय परिवारों के हजारों रुपये बचेंगे।
नए नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आवेदन से लेकर अप्रूवल तक का पूरा सिस्टम एनएचएआई के आधिकारिक ‘राजमार्गयात्रा’ (RajmargYatra) मोबाइल ऐप और पोर्टल पर शिफ्ट कर दिया गया है:
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सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में ‘RajmargYatra’ ऐप डाउनलोड करें और ‘Local Pass’ सेक्शन में जाएं।
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अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और टोल प्लाजा का नाम दर्ज करें।
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पहचान और पते के सत्यापन के लिए डिजिलॉकर (DigiLocker) की अनुमति दें, जिससे आपका आधार कार्ड या वोटर आईडी सीधे वाहन के पते और वाहन पोर्टल (VAHAN) से मैच हो सके।
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सिस्टम जीआईएस (GIS) मैपिंग के जरिए यह सत्यापित करेगा कि आपका घर टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में स्थित है।
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सत्यापन पूरा होते ही ₹350 का ऑनलाइन भुगतान करें। पेमेंट सफल होते ही आपका लोकल पास आपके फास्टैग से लिंक हो जाएगा और टोल बैरियर पर सेंसर गाड़ी को पहचान कर बूम-बैरियर स्वतः खोल देगा।
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि कई जगहों पर फर्जी पते या किराए के फर्जी समझौतों के आधार पर लोकल पास हासिल करने की शिकायतें मिल रही थीं। नए नियम लागू होने के बाद डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य होने से फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगेगी। यदि कोई वाहन चालक किसी दूसरे जिले या 20 किमी की सीमा से बाहर का होने के बावजूद गलत दस्तावेजों से पास बनवाता है, तो उसका फास्टैग तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और टोल नियमों के तहत जुर्माना वसूला जाएगा। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे 1 नवंबर से पहले अपने फास्टैग की केवाईसी (KYC) और वाहन के आरसी दस्तावेज दुरुस्त कर लें, ताकि बिना किसी रुकावट के इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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