IRCTC New Food Rule: अब ट्रेनों में रात 11 से सुबह 6 बजे तक नहीं मिलेगा खाना, जानिए रेलवे ने क्यों लिया यह अचानक फैसला

अगर आप भी अक्सर ट्रेनों में सफर करते हैं और देर रात जागकर डिनर करने या आधी रात को गरमा-गरम चाय की चुस्कियां लेने के शौकीन हैं, तो रेलवे का यह नया नियम आपकी इस आदत को पूरी तरह बदलने वाला है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने ट्रेनों में खान-पान की व्यवस्था को लेकर एक बेहद कड़ा और बड़ा आदेश जारी किया है, जिसका सीधा असर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले मुसाफिरों पर पड़ने जा रहा है।

नए नियम के मुताबिक, अब ट्रेनों में देर रात भोजन या किसी भी तरह की कैटरिंग की सुविधा नहीं दी जाएगी। रात के समय पैंट्री कार की सेवाएं पूरी तरह से ठप रहेंगी, जिससे देर रात सफर करने वाले उन यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है जो ट्रेन के भरोसे ही यात्रा पर निकलते हैं।

क्या है IRCTC का नया टाइम-टेबल?

रेलवे द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ट्रेनों में पैंट्री कार के काम करने के समय को पूरी तरह से सीमित कर दिया गया है। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सेवा बंद रहने का समय: रात को 11:00 बजे से लेकर सुबह 06:00 बजे तक पैंट्री कार की सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

  • क्या-क्या नहीं मिलेगा: इस समयावधि (7 घंटे) के दौरान यात्रियों को न तो रात का खाना (डिनर) मिल सकेगा और न ही चाय, कॉफी या सामान्य स्नैक्स मिल पाएंगे।

  • गर्म पानी पर भी रोक: बच्चों के दूध के लिए या दवाई खाने के लिए मिलने वाले गर्म पानी की सुविधा भी इस दौरान पैंट्री से उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

पैंट्री कार सेवा: नए नियमों के तहत क्या बदला?

यात्रियों की सुविधा के लिए नए समय और पाबंदियों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

सुविधाएं / सेवाएं सुबह 06:00 बजे से रात 11:00 बजे तक रात 11:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
सुबह का नाश्ता और दोपहर/रात का खाना पूरी तरह उपलब्ध (तय समय पर) पूरी तरह बंद (कोई बुकिंग नहीं होगी)
चाय, कॉफी और ठंडे पेय पदार्थ सामान्य रूप से उपलब्ध पूरी तरह बंद
गर्म पानी की उपलब्धता मांगने पर तुरंत उपलब्ध उपलब्ध नहीं होगा
पैंट्री कार की स्थिति एक्टिव और कार्यरत बंद (केवल साफ-सफाई और मेंटेनेंस)

आखिर रेलवे ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला?

अचानक पैंट्री कार की रात्रि सेवा को बंद किए जाने के पीछे आईआरसीटीसी ने स्वच्छता और यात्रियों की सेहत का हवाला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि:

“रात के इस 7 घंटे के समय का उपयोग पैंट्री कार की गहरी साफ-सफाई (Deep Cleaning) और मशीनों के रख-रखाव (Maintenance) के लिए किया जाएगा। हमारा उद्देश्य यात्रियों को दिन के समय पूरी तरह से स्वच्छ, बैक्टीरिया-मुक्त और स्वास्थ्यकर (Hygienic) खाना परोसना है। लगातार पैंट्री चालू रहने से सफाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।”

यात्रियों के सामने आएगी यह नई चुनौती

इस नए नियम के लागू होने के बाद, देर रात सफर करने वाले यात्रियों को या तो अपने घर से ही टिफिन पैक कराकर ले जाना होगा, या फिर ट्रेन छूटने से पहले ही बड़े स्टेशनों पर मिलने वाले फूड स्टॉल्स से अपनी भूख मिटानी होगी।

इसके अलावा, इस फैसले का एक दूसरा पहलू भी है जो यात्रियों को परेशान कर सकता है। जानकारों का मानना है कि रात में आधिकारिक पैंट्री कार बंद होने की वजह से ट्रेनों में अवैध वेंडर (Unauthorised Vendors) सक्रिय हो सकते हैं। अधिकृत स्टाफ की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर ये अवैध वेंडर रात के अंधेरे में ट्रेनों में चढ़ सकते हैं और मजबूरी का फायदा उठाकर यात्रियों से पानी की बोतल, चाय या बिस्कुट के बदले तय कीमत से दोगुने दाम वसूल सकते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की छवि दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।

 मुसाफिरों के लिए काम के टिप्स

  • समय पर करें ऑर्डर: अगर आप ट्रेन के खाने पर ही निर्भर हैं, तो रात 10:00 बजे से पहले ही अपना डिनर बुक कर लें और उसे 11:00 बजे से पहले कलेक्ट कर लें।

  • थर्मस साथ रखें: यदि आपके साथ छोटे बच्चे या बुजुर्ग सफर कर रहे हैं, जिन्हें रात में गर्म पानी या दूध की जरूरत पड़ती है, तो घर से ही एक अच्छी क्वालिटी की इंसुलेटेड (थर्मस) बोतल में गर्म पानी भरकर साथ चलें।

  • ई-कैटरिंग का विकल्प: आप आईआरसीटीसी के आधिकारिक ई-कैटरिंग ऐप के जरिए भी बड़े जंक्शन स्टेशनों पर रात 11:00 बजे से पहले खाना डिलीवर करने का शेड्यूल पहले से तय कर सकते हैं।