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IND vs SL: क्या खत्म होने वाला है कुलदीप यादव का टेस्ट करियर? भारत की बड़ी जीत के बाद भी टेंशन में क्यों हैं चाइनामैन गेंदबाज

भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 165 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस शानदार जीत के बावजूद भारतीय क्रिकेट गलियारों में एक अलग ही बहस छिड़ गई है और टीम के सबसे बड़े मैच विनर माने जाने वाले चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव का भविष्य फिलहाल खतरे में नजर आ रहा है। गॉल टेस्ट की दोनों पारियों में कुल 150 गेंदें फेंकने के बावजूद कुलदीप के हाथ केवल 1 ही सफलता लगी, जिसके बाद से उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव का फीका प्रदर्शन

श्रीलंका के खिलाफ गॉल के मैदान पर जब टीम उतरी तो पिच स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जा रही थी। कप्तान और टीम मैनेजमेंट ने रविंद्र जडेजा और युवा मानव सुतार के साथ-साथ कुलदीप यादव को मैदान पर उतारा। मैच में जहां एक तरफ मानव सुतार और अनुभवी जडेजा ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, वहीं कुलदीप यादव अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने मैच के दौरान करीब 25 ओवर गेंदबाजी की और 103 से ज्यादा रन खर्च करके केवल एक ही विकेट अपने नाम किया। उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के कारण अब उन्हें अगले मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने की चर्चा जोरों पर है।

क्या तीसरे स्पिनर के रूप में फिट नहीं बैठ पा रहे कुलदीप?

भारतीय टेस्ट इतिहास में जब भी उपमहाद्वीप की धीमी पिचों पर मैच खेले जाते हैं, तो स्पिनर्स की भूमिका अहम हो जाती है। पूर्व क्रिकेटरों और दिग्गजों का मानना है कि कुलदीप यादव अमूमन टीम में तीसरे स्पिनर के विकल्प के तौर पर खेलते हैं। आर अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी ने भी हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि तीसरे स्पिनर की भूमिका निभाना और छोटे-छोटे स्पेल में गेंदबाजी करना किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। पुरानी गेंद से तेज गति से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों को पिच पर ज्यादा मदद मिलती है, जबकि कुलदीप की गेंदबाजी शैली थोड़ी अलग है। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर की प्लानिंग में उनकी प्राथमिकता पर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

घरेलू क्रिकेट के दमदार प्रदर्शन के बाद भी दबाव

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कुलदीप यादव ने जब-जब सीमित ओवरों और टेस्ट क्रिकेट में मौके पाए हैं, उन्होंने अपनी गेंदबाजी से मैच का पासा पलटा है। इसके बावजूद उन्हें लगातार लंबे समय तक प्लेइंग इलेवन में प्लेइंग टाइम न मिलना उनके करियर के आड़े आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि कुलदीप इसी तरह संघर्ष करते रहे, तो आगामी दौरों पर टीम का कॉम्बिनेशन उन्हें बाहर बैठने पर मजबूर कर सकता है। सोशल मीडिया और खेल प्रेमियों के बीच भी इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या एक खराब मैच के बाद इतने बड़े टैलेंटेड गेंदबाज को नजरअंदाज करना सही फैसला होगा।

आगामी कोलंबो टेस्ट और प्लेइंग इलेवन पर टिकी निगाहें

भारत और श्रीलंका के बीच अब श्रृंखला का दूसरा और निर्णायक टेस्ट मुकाबला आगामी 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाना है। इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले कप्तान [शुभमन गिल](cite: 1.1.7) और टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द यह तय करना होगा कि क्या वे कुलदीप यादव पर एक बार फिर भरोसा जताते हैं या फिर घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे किसी अन्य विकल्प या तेज गेंदबाज को मौका देते हैं। बहरहाल, कुलदीप यादव के लिए यह समय अपने करियर के सबसे बड़े चौराहे पर खड़ा है, जहां उन्हें अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए जबरदस्त वापसी करनी होगी।