
बॉलीवुड की जानी-मानी फिल्ममेकर किरण राव इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘लापता लेडीज’ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में बनी हुई हैं। आलोचकों से लेकर आम दर्शकों तक हर कोई उनकी इस फिल्म की जमकर तारीफ कर रहा है। लेकिन इस शानदार सफलता के बीच एक बड़ा सवाल हर किसी के जहन में उठता रहा है कि अपनी पहली सुपरहिट फिल्म ‘धोबी घाट’ के बाद आखिर किरण राव ने बड़े पर्दे से पूरे 13 साल का लंबा ब्रेक क्यों लिया? हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस राज से पर्दा उठाया है और बेहद मजाकिया लेकिन गंभीर अंदाज में कहा, “काश मैं रोहित शेट्टी होती!” आइए जानते हैं कि उनके इस बयान के पीछे की पूरी कहानी क्या है।
पहली फिल्म के बाद क्यों गायब हो गईं किरण राव
साल 2011 में फिल्म ‘धोबी घाट’ के जरिए बतौर डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत करने वाली किरण राव ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। इसके बाद दर्शकों को उम्मीद थी कि वह जल्द ही अपनी अगली फिल्म लेकर आएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनकी दूसरी फिल्म ‘लापता लेडीज’ को सिनेमाघरों में आने में पूरे 13 साल लग गए। इस लंबे गैप को लेकर किरण ने खुलकर बात की है। उनका कहना है कि स्वतंत्र और लीक से हटकर सिनेमा बनाने वाले निर्देशकों के लिए फिल्में बनाना और उनके लिए सही रिसोर्स जुटाना व्यावसायिक मसाला फिल्में बनाने जितना आसान नहीं होता है।
रोहित शेट्टी का नाम लेकर बयां किया अपना दर्द
किरण राव ने अपनी तुलना मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी से करते हुए फिल्म मेकिंग के इस बड़े अंतर को समझाया। उन्होंने कहा कि काश वह रोहित शेट्टी की तरह बैक-टू-बैक बड़ी कमर्शियल फिल्में बना पातीं, जिन्हें बड़े बजट और बड़े स्टार्स का साथ तुरंत मिल जाता है। किरण ने बताया कि उनके जैसे फिल्ममेकर्स जो ओरिजिनल और कंटेंट-ड्रिवन कहानियां कहना चाहते हैं, उन्हें एक सही स्क्रिप्ट लिखने, उसके लिए सही विजन तैयार करने और फिर उसे प्रोड्यूस करने में काफी लंबा समय लग जाता है। यही वजह है कि उन्होंने अपने करियर में अब तक सिर्फ दो फिल्में ही डायरेक्ट की हैं।
पर्सनल लाइफ और बेटे आजाद की परवरिश भी थी वजह
फिल्मी दुनिया के संघर्षों के अलावा किरण राव के इस 13 साल लंबे ब्रेक के पीछे उनकी निजी जिंदगी के फैसले भी शामिल थे। किरण ने बताया कि ‘धोबी घाट’ की रिलीज के तुरंत बाद उनके बेटे आजाद का जन्म हुआ था। एक मां के तौर पर वह अपने बच्चे के शुरुआती सालों में उसके साथ रहना चाहती थीं और उसकी परवरिश को पूरा समय देना चाहती थीं। मातृत्व की इस खूबसूरत जिम्मेदारी को निभाने के चक्कर में उन्होंने फिल्मों के डायरेक्शन से दूरी बना ली थी, हालांकि इस दौरान वह आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले कई फिल्मों के निर्माण कार्य से जुड़ी रहीं।
‘लापता लेडीज’ के साथ की धमाकेदार वापसी
लंबे इंतजार के बाद जब किरण राव ने ‘लापता लेडीज’ से निर्देशन की कमान दोबारा संभाली, तो उन्होंने साबित कर दिया कि भले ही उन्होंने वक्त लिया, लेकिन सिनेमा की उनकी समझ आज भी उतनी ही सटीक है। ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म समाज के रूढ़िवादी विचारों पर करारा प्रहार करती है। किरण राव का कहना है कि अब वह सिनेमा से इतना लंबा ब्रेक नहीं लेंगी और जल्द ही नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेंगी। उनके फैंस भी यही उम्मीद कर रहे हैं कि अब उन्हें इस बेहतरीन निर्देशिका की अगली फिल्म देखने के लिए दशक भर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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