
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के शानदार नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने न केवल भारी-भरकम मुनाफा दर्ज किया है, बल्कि अपने निवेशकों के लिए पिछले 5 सालों का सबसे ऊंचा डिविडेंड और बोनस शेयर का भी ऐलान किया है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में एचपीसीएल के प्रति निवेशकों का उत्साह चरम पर है।
नतीजों के मुख्य आंकड़े
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नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा): मार्च तिमाही में एचपीसीएल का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4,901 करोड़ रहा है। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इसमें मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
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पूरे साल का प्रदर्शन: पूरे वित्त वर्ष (FY26) के लिए कंपनी ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए भारी मुनाफा कमाया है, जो पिछले घाटे के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है।
डिविडेंड और बोनस शेयर का ‘डबल धमाका’
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भारी डिविडेंड: कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹16.50 प्रति शेयर के अंतिम लाभांश (Final Dividend) की सिफारिश की है। यह पिछले 5 वर्षों में कंपनी द्वारा दिया गया सबसे अधिक डिविडेंड है।
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बोनस शेयर (Bonus Issue): डिविडेंड के साथ ही एचपीसीएल ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर देने का भी ऐलान किया है। इसका मतलब है कि प्रत्येक 2 शेयर रखने वाले निवेशक को 1 शेयर मुफ्त मिलेगा।
क्यों रही कंपनी मुनाफे में?
एचपीसीएल की इस सफलता के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार को मुख्य कारण माना जा रहा है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की मजबूत मांग ने भी कंपनी के रेवेन्यू को सहारा दिया है। महारत्न कंपनी होने के नाते, एचपीसीएल का यह प्रदर्शन सरकारी खजाने और आम निवेशकों दोनों के लिए सुखद संकेत है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बोनस शेयर और हाई डिविडेंड यील्ड के कारण एचपीसीएल का शेयर लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए आकर्षक बन गया है। कंपनी ने लाभांश के भुगतान के लिए जल्द ही ‘रिकॉर्ड डेट’ की घोषणा करने की बात कही है।
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