
मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सैन्य शक्ति का एक और खतरनाक प्रदर्शन करने की तैयारी कर ली है। रूस की सबसे घातक इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ‘सरमत’ (Sarmat), जिसे पश्चिमी देशों में ‘सैटन-2’ (Satan-II) के नाम से जाना जाता है, अपनी मारक क्षमता को लेकर फिर से चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल इतनी शक्तिशाली है कि हमला करने से पहले पूरी पृथ्वी का चक्कर लगा सकती है।
35,000 किमी की अविश्वसनीय रेंज
रूस के रक्षा विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरमत मिसाइल की मारक क्षमता 35,000 किलोमीटर तक हो सकती है। यह दूरी इतनी अधिक है कि मिसाइल उत्तरी या दक्षिणी ध्रुव के रास्ते से होते हुए दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद लक्ष्य को निशाना बना सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी सीधे रास्ते के बजाय अप्रत्याशित रास्तों से हमला करती है, जिससे दुश्मन का रडार सिस्टम इसे ट्रैक करने में विफल हो जाता है।
दुनिया का सबसे उन्नत मिसाइल डिफेंस भी होगा फेल
सरमत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह वर्तमान में मौजूद किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे अमेरिका का ‘थाड’) को चकमा दे सकती है।
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अत्यधिक गति: यह मिसाइल ध्वनि की गति से कई गुना तेज (Hypersonic Speed) चलती है।
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मल्टीपल वारहेड्स: यह एक साथ 10 से 15 भारी परमाणु हथियार (MIRVs) ले जाने में सक्षम है, जो अलग-अलग ठिकानों को एक साथ तबाह कर सकते हैं।
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अजेय तकनीक: इसकी उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता इसे किसी भी इंटरसेप्टर मिसाइल के लिए अजेय बनाती है।
पश्चिमी देशों के लिए ‘खतरे की घंटी’
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पहले भी चेतावनी दी थी कि ‘सरमत’ उन लोगों को “दो बार सोचने” पर मजबूर कर देगी जो रूस को धमकी देने की कोशिश कर रहे हैं। इस मिसाइल का वजन करीब 200 टन है और यह दुनिया की सबसे भारी मिसाइलों में से एक है। इसकी तैनाती के बाद रूस को एक ऐसी रणनीतिक बढ़त मिलेगी, जिसका तोड़ फिलहाल नाटो (NATO) देशों के पास नहीं है।
युद्ध की बदलती रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपनी इस ‘सुपर वेपन’ का इस्तेमाल केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने के लिए कर रहा है। यदि यह मिसाइल वास्तव में 35,000 किमी की दूरी तय कर सकती है, तो इसका मतलब है कि रूस को अब अपनी सीमाओं के पास से मिसाइल दागने की जरूरत नहीं होगी; वह अपने घर में बैठे-बैठे ही पूरी दुनिया पर नजर रख सकेगा।
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