
छपरा: बिहार के सारण जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। छपरा-सीवान एनएच-531 पर एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार परिवार को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण टक्कर में पति-पत्नी और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन इस खौफनाक मंजर के बीच एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। माता-पिता की मौत हो गई, लेकिन उनकी गोद में बैठी 4 साल की मासूम बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है।
रफ्तार का कहर: ट्रक ने बाइक सवारों को कुचला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। एक ही बाइक पर सवार होकर परिवार किसी काम से जा रहा था, तभी विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। टक्कर के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार होने में कामयाब रहा। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने देखा कि तीन शव सड़क पर क्षत-विक्षत पड़े थे, लेकिन वहीं बगल में बैठी एक छोटी बच्ची रो रही थी, जिसे एक खरोंच तक नहीं आई थी।
जाको राखे साइयां: मौत के साये में बची मासूम की जान
सड़क पर बिखरे खून और मलबे के बीच 4 साल की उस मासूम का सुरक्षित बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद मां-बाप ने आखिरी पल में बच्ची को इस तरह पकड़ा या फेंका होगा कि उसे चोट नहीं आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को अपनी सुरक्षा में लिया और उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह फिट घोषित कर दिया। फिलहाल बच्ची को उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
गुस्साए ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है। फरार ट्रक और उसके चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एनएच पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रकों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और अब वह मासूम बच्ची अपने माता-पिता के साये के बिना अपनी जिंदगी की शुरुआत करेगी
girls globe