
आसमान से बरसती आग, झुलसाती लू और रिकॉर्ड तोड़ते तापमान के बीच उत्तर और मध्य भारत के करोड़ों नागरिकों के लिए राहत की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप भी सुबह से शाम तक चिलचिलाती धूप और उमस से बेहाल हैं, तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा अपडेट आपको बड़ी राहत दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले दो से तीन दिनों तक गर्मी का खतरनाक दौर जारी रहेगा, लेकिन इसके ठीक बाद मौसम एक तगड़ी करवट लेने जा रहा है। 29 मई से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की उम्मीद है, जिससे न सिर्फ आम जनता को भीषण गर्मी से आजादी मिलेगी, बल्कि बिजली-पानी के संकट से जूझ रहे शहरों और खेती-किसानी को भी एक नया जीवन मिलेगा।
दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में 46 पार पहुंचा पारा, रातें भी हुईं बेहद गर्म
फिलहाल उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से में सूरज का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी लोगों को झुलसा रही हैं। न्यूनतम तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से लोग 24 घंटे उमस और गर्म हवाओं का सामना करने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 मई तक हालात ऐसे ही चुनौतीपूर्ण बने रहने की आशंका है।
29 मई से एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम, 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम में इस बड़े और राहत भरे बदलाव के पीछे एक मजबूत मौसमी सिस्टम काम कर रहा है। आईएमडी (IMD) के अनुसार, 29 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए सिस्टम के असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक पलटी आएगी। इन राज्यों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं चलने, धूल भरी आंधी आने और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इस प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को चिलचिलाती धूप से तुरंत राहत मिलेगी।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्तर पर लू, तटीय इलाकों में उमस का वीभत्स रूप
भले ही राहत की तारीख नजदीक आ रही हो, लेकिन मौजूदा समय में राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में गर्मी अपने सबसे विनाशकारी स्तर पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा पूर्वी भारत और प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भी अगले दो से तीन दिनों तक लू के थपेड़े आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित करते रहेंगे। वहीं दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में भयंकर उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जहां पसीने वाली गर्मी से लोग बेहाल हैं।
जानिए आपके राज्य में कब तक रहेगा हीटवेव का रेड अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए राज्यवार आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में लू की स्थिति और उसका असर इस प्रकार रहने वाला है:
| राज्य / क्षेत्र | हीटवेव का अलर्ट (कब तक) |
| पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली | 25 से 28 मई |
| उत्तर प्रदेश | 25 से 28 मई |
| मध्य प्रदेश, विदर्भ और ओडिशा | 25 से 29 मई |
| राजस्थान | 25 से 30 मई |
| छत्तीसगढ़ और तेलंगाना | 25 से 28 मई |
| जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश | 26 और 27 मई |
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के पीछे छिपे हैं ये 3 बड़े भौगोलिक कारण
इस साल भारत में गर्मी ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों ने इस बेहद लंबे और जानलेवा लू के दौर के पीछे तीन प्रमुख भौगोलिक और मौसमी वजहों को जिम्मेदार ठहराया है।
सबसे पहला कारण है इस साल पश्चिमी विक्षोभ की भारी कमी रही। अमूमन मई के महीने में उत्तर भारत में आने वाले ठंडे पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गए, जिसकी वजह से प्री-मानसून बारिश बिल्कुल नहीं हुई और धरती तपती चली गई। दूसरा बड़ा कारण प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो (El Nino) का प्रभाव है, जिसने वैश्विक तापमान को बढ़ाया और भारतीय उपमहाद्वीप में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पैदा की। तीसरी बड़ी वजह यह रही कि इस बार रात के तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए; हाल ही में दिल्ली में न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 14 सालों में मई के महीने की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज हुई है।
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