
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, काम के बेतहाशा दबाव और अकेलेपन के कारण एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। लोग इन मानसिक तनावों से मुक्ति पाने के लिए महंगे डॉक्टरों के चक्कर काटते हैं और ढेरों दवाइयां खाते हैं, जिनके कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। लेकिन इस बीच मानसिक स्वास्थ्य की दुनिया से एक बेहद हैरान और खुश कर देने वाली खबर सामने आई है। एंग्जाइटी और डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए अब गधे ‘हैप्पीनेस थेरेपिस्ट’ की भूमिका निभा रहे हैं। जी हां, जिस जानवर को आमतौर पर लोग कमतर आंकते हैं, वह अब लोगों के मानसिक तनाव को दूर कर उन्हें जिंदगी जीने की नई राह दिखा रहा है और मरीजों को इससे बिल्कुल किसी असरदार दवा जैसा आराम मिल रहा है।
जानिए क्या है यह अनोखी डंकी थेरेपी और यह कैसे करती है काम
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तनाव और अवसाद से निपटने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला है जिसे ‘डंकी थेरेपी’ (Donkey Therapy) या एनिमल-असिस्टेड थेरेपी कहा जा रहा है। इस थेरेपी के तहत मरीजों को गधों के साथ कुछ वक्त बिताने, उन्हें सहलाने, गले लगाने और उनके साथ वॉक करने का मौका दिया जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गधे स्वभाव से बेहद शांत, धैर्यवान और संवेदनशील प्राणी होते हैं। जब कोई तनावग्रस्त व्यक्ति इनके संपर्क में आता है, तो गधों की शांत और स्थिर ऊर्जा मरीज के अशांत दिमाग को धीरे-धीरे शांत करने लगती है। उनके साथ वक्त बिताने से मरीजों के भीतर सुरक्षा और अपनेपन की भावना जागृत होती है, जो डिप्रेशन को कम करने में सबसे ज्यादा मददगार है।
बिना किसी साइड इफेक्ट के मरीजों को मिल रहा है दवा जैसा सुकून
इस अनोखे ट्रीटमेंट का हिस्सा बन चुके मरीजों और डॉक्टरों का दावा है कि यह थेरेपी किसी जादुई दवा की तरह असर कर रही है। जब मरीज इन थेरेपिस्ट गधों को गले लगाते हैं, तो उनके शरीर में ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे ‘हैप्पी हार्मोन्स’ का स्राव तेजी से बढ़ने लगता है। यह हार्मोन्स मानसिक तनाव और घबराहट (Anxiety) को जड़ से खत्म करने का काम करते हैं। कई सालों से डिप्रेशन की भारी-भरकम दवाइयां खा रहे मरीजों का कहना है कि जो मानसिक सुकून उन्हें इन बेजुबान दोस्तों के साथ कुछ घंटे बिताकर मिला, वह महीनों तक दवाइयां खाने के बाद भी नसीब नहीं हुआ था। सबसे अच्छी बात यह है कि इस थेरेपी का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता।
दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है मेंटल हेल्थ का यह नया ट्रेंड
लंदन और यूरोप के कई देशों से शुरू हुआ यह अनोखा मेंटल हेल्थ ट्रेंड अब दुनिया भर में बड़ी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। बड़े-बड़े थेरेपी सेंटर्स अब विशेष रूप से प्रशिक्षित गधों को अपने यहाँ रख रहे हैं ताकि मानसिक रूप से टूट चुके लोगों को एक नया जीवन दिया जा सके। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि प्रकृति और जानवरों के करीब रहने से इंसानी दिमाग बहुत जल्दी हील होता है। गधों द्वारा दी जा रही यह ‘हैप्पीनेस थेरेपी’ इस बात का जीता-जागता सबूत है कि मानसिक बीमारियों का इलाज सिर्फ दवाओं के पत्तों में नहीं, बल्कि हमारे आसपास की कुदरत और इन बेजुबान जीवों के निस्वार्थ प्रेम में भी छिपा हुआ है।
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