हल्द्वानी के खनन कारोबारियों की चमकी किस्मत गौला नदी में बढ़ा खनन का लक्ष्य

हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी से बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरकार ने गोला (गौला) नदी में खनन कार्य को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने चालू सीजन के लिए गौला नदी से उपखनिज निकासी के लक्ष्य को बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद न केवल सरकार के खजाने में करोड़ों का अतिरिक्त राजस्व आएगा, बल्कि खनन कार्य से जुड़े हजारों मजदूरों और डंपर स्वामियों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है।

राजस्व और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूढ़ा

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गौला नदी में खनन की अवधि समाप्त होने से ठीक पहले लक्ष्य बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पहले तय किए गए लक्ष्य के करीब पहुंचने के बाद अब शासन ने अतिरिक्त उपखनिज निकासी की अनुमति दे दी है। इस फैसले का सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ेगा, क्योंकि बाजार में रेती, बजरी और बोल्डर की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे इनके दामों में भी स्थिरता आने की उम्मीद है।

खनन कारोबारियों में खुशी की लहर

सरकार के इस आदेश के बाद हल्द्वानी, लालकुआं और किच्छा क्षेत्र के खनन व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। इस साल बेमौसम बरसात और तकनीकी कारणों से खनन कार्य कई बार बाधित हुआ था, जिससे कारोबारी अपने तय लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए थे। अब लक्ष्य बढ़ने से उन्हें अपने नुकसान की भरपाई करने का सुनहरा मौका मिलेगा। डंपर एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम को स्वागत योग्य बताया है और इसे क्षेत्र की आर्थिकी के लिए संजीवनी करार दिया है।

पर्यावरण मानकों का रखा जाएगा विशेष ध्यान

हालांकि लक्ष्य बढ़ा दिया गया है, लेकिन वन विकास निगम और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खनन कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नदी के इको-सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए केवल निर्धारित गहराई और तय सीमा के भीतर ही चुगान (निकासी) की अनुमति होगी। वन विभाग की टीमें लगातार नदी क्षेत्र का सर्वे करेंगी ताकि अवैध खनन पर लगाम कसी जा सके और केवल वैध पट्टों पर ही काम हो।

मजदूरों को मिलेगा अतिरिक्त काम का अवसर

गौला नदी हल्द्वानी क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है। लक्ष्य बढ़ने का मतलब है कि अब खनन सत्र कुछ और दिनों तक सक्रिय रूप से चलेगा। इससे हजारों की संख्या में लगे हुए स्थानीय और बाहरी मजदूरों को अतिरिक्त दिहाड़ी मिल सकेगी। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि खनन गेटों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जाए ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने और वन संपदा का दोहन नियमों के दायरे में रहकर हो।