Gold Rate Today: सोने में लौटी जोरदार तेजी, दिल्ली-मुंबई से चेन्नई तक उछले 22K व 24K के दाम; चांदी में भी भारी उछाल

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू सर्राफा बाजार में त्योहारी व वैवाहिक मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी लौट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में नरमी और सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) के तौर पर पीली धातु की मांग बढ़ने से भारतीय बाजारों में भी 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक सभी प्रमुख महानगरों में सोने के भाव हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं, औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय तेजी के दम पर चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है, जिससे आभूषण खरीदारों और निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है।

प्रमुख शहरों में 22K और 24K सोने के ताजा भाव

देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है:

  • दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव बढ़कर मजबूत स्तरों पर पहुंच गया है, वहीं आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी प्रति 10 ग्राम उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।

  • मुंबई व कोलकाता: वित्तीय राजधानी मुंबई और कोलकाता के सर्राफा बाजारों में भी 24K और 22K सोने के रेट्स में तेजी का रुख बना हुआ है।

  • चेन्नई: दक्षिण भारत के सबसे बड़े स्वर्ण बाजार चेन्नई में पारंपरिक रूप से सोने की मांग सबसे अधिक रहती है, जहां 24 कैरेट और 22 कैरेट दोनों श्रेणियों में कीमतें तेजी के साथ ट्रेड कर रही हैं।

  • 18 कैरेट सोना: हल्के आभूषणों और किफायती गहनों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने के दाम भी आनुपातिक रूप से चढ़े हैं।

चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी और MCX का एक्शन

सोने के साथ-साथ चांदी (Silver Price Today) की कीमतों में भी जोरदार लिवाली देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा अनुबंधों में तेज वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री से लगातार आ रही मजबूत वैश्विक मांग के कारण हाजिर बाजारों में चांदी के भाव में उछाल आया है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और औद्योगिक खपत बनी रहेगी, चांदी में लिवाली का समर्थन जारी रहने की उम्मीद है।

सोने की कीमतों में तेजी की 4 मुख्य वजहें

कमोडिटी और वित्तीय बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक सोने में आई इस तेजी के पीछे निम्नलिखित वैश्विक और घरेलू कारक प्रमुख हैं:

  • ग्लोबल सेफ-हेवन डिमांड: पश्चिम एशिया और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के चलते केंद्रीय बैंक और बड़े संस्थागत निवेशक अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए सोने में खरीदारी बढ़ा रहे हैं।

  • अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों और डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव का सीधा असर बुलियन मार्केट पर पड़ रहा है। कमजोर डॉलर से अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना सस्ता होता है, जिससे वैश्विक मांग को बढ़ावा मिलता है।

  • केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी: दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का भंडार लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे कीमतों को दीर्घकालिक सपोर्ट मिल रहा है।

  • घरेलू त्योहारी व शादी सीजन की मांग: भारत में आगामी त्योहारी सीजन और शादियों के मुहूर्त को देखते हुए खुदरा ज्वैलर्स और थोक व्यापारियों द्वारा अग्रिम स्टॉक तैयार करने से हाजिर मांग में उछाल आया है।

सोना खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूरी

सर्राफा बाजार में खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को बीआईएस (BIS) हॉलमार्किंग के नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सरकार के नियमानुसार अब 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक ‘HUID’ (Hallmark Unique Identification) कोड के बिना सोने के गहने बेचना गैर-कानूनी है।

  • 24K सोना: 99.9% शुद्ध माना जाता है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से सिक्कों और बार्स के लिए होता है।

  • 22K सोना: 91.6% शुद्ध (हॉलमार्क 916) होता है, जो आभूषण बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।

  • 18K सोना: 75% शुद्ध (हॉलमार्क 750) होता है, जिसका उपयोग डायमंड और जड़ाऊ गहनों में मजबूती के लिए किया जाता है।

खरीदारी करते समय ज्वैलर से पक्का जीएसटी (GST) इनवॉइस अवश्य लें, जिसमें मेकिंग चार्ज, शुद्धता और कुल वजन का अलग-अलग स्पष्ट विवरण होना चाहिए।