News India Live, Digital Desk:उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के कटारिया गांव में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। हालांकि, अखिलेश को ‘आईना’ दिखाने की कोशिश में राजभर अपनी ही सरकार के कार्यकाल में हुई आपराधिक घटनाओं की फेहरिस्त भी गिना गए, जिसे लेकर अब विपक्षी खेमा उन पर तंज कस रहा है।
राजभर का अखिलेश पर वार: “सेलेक्टिव राजनीति” का आरोप
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को “सत्ता के लिए व्याकुल” बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
चुनिंदा मामलों में सक्रियता: राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव केवल वहीं जाते हैं जहां उन्हें राजनीतिक लाभ दिखता है। उन्होंने गाजीपुर की घटना को “राजनीति का प्लेटफॉर्म” न बनाने की नसीहत दी।
दंगा और सपा शासन: उन्होंने सपा के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के समय सपा नेता सैफई में ‘नाच’ देख रहे थे, जबकि योगी सरकार के 9 साल के कार्यकाल में कोई बड़ा दंगा या कर्फ्यू नहीं लगा।
भीड़ और अराजकता: राजभर ने आरोप लगाया कि गाजीपुर के पीड़ित परिवार के पास सपा के प्रतिनिधिमंडल ने 15 लोगों की अनुमति लेकर 250 लोगों की भीड़ जुटाई और अराजकता फैलाने की कोशिश की।
बातों-बातों में अपनी ही सरकार को घेरा?
अखिलेश यादव को घेरते हुए राजभर ने प्रदेश की कुछ अन्य घटनाओं का जिक्र किया, जिसे राजनीतिक विश्लेषक उनकी अपनी सरकार की ‘किरकिरी’ के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा:
“बाराबंकी में राजभर समाज के व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या हुई, देवरिया में राजकुमार चौहान को गोली मारी गई और कौशांबी में पाल समाज की बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ—वहां अखिलेश यादव क्यों नहीं गए?”
इस बयान के बाद विपक्ष का कहना है कि राजभर ने खुद स्वीकार कर लिया है कि वर्तमान सरकार के राज में भी हत्या और दुष्कर्म जैसी गंभीर वारदातें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही हैं।
पीड़ित परिवार को मिली सरकारी मदद
मुख्यमंत्री की ओर से दूत बनकर पहुंचे राजभर ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और सहायता राशि सौंपी:
आर्थिक मदद: ₹5 लाख का चेक प्रदान किया गया।
आवास और जमीन: मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास और 1.5 बीघा जमीन के पट्टे के कागजात सौंपे गए।
न्याय का भरोसा: राजभर ने कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, योगी सरकार में उसे 24 घंटे के भीतर जेल भेजा जाता है।
क्या है पूरा मामला?
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई थी। पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी ने गंगा में कूदकर जान दी है, जबकि परिजनों और विपक्ष ने इसे हत्या और दुष्कर्म का मामला बताते हुए सरकार को घेरा है। अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल को गाजीपुर जाने का ऐलान किया है, जिससे आने वाले दिनों में यह सियासी घमासान और बढ़ने के आसार हैं।
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