गुरुवायूर मंदिर में CM वीडी सतीशन के दर्शन पर विवाद, BJP ने लगाया हाई कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर की यात्रा को लेकर एक नया राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान रविवार को मंदिर में वीआईपी दर्शन को लेकर केरल हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेशों का खुला उल्लंघन किया गया, जिससे आम श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बता दें कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने रविवार (24 मई 2026) को गुरुवायूर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की थी और वहां का पारंपरिक ‘तुलाभारम’ अनुष्ठान भी संपन्न किया था।

बीजेपी का क्या है आरोप?

भाजपा नेता बी गोपालकृष्णन ने गुरुवायूर देवस्वोम प्रशासन को एक आधिकारिक शिकायत सौंपी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि:

  • प्रतिबंधित समय में दर्शन: उच्च न्यायालय के नियमों के अनुसार, रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक वीआईपी दर्शन पर पूरी तरह रोक है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और उनके साथी नेताओं को सुबह करीब 7:30 से 9:30 बजे के बीच विशेष वीआईपी एंट्री दी गई।

  • बिना रसीद के प्रवेश का आरोप: गोपालकृष्णन का आरोप है कि सीएम को ₹4,500 की ‘श्रीकोविल नेयविलक्कु’ रसीद लिए बिना ही दर्शन कराए गए, जबकि अवकाश के दिनों में विशेष दर्शन के लिए यह रसीद अनिवार्य है।

  • फोटोग्राफी पर प्रतिबंध का उल्लंघन: मंदिर परिसर और मेलपथुर सभागार के आसपास वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी प्रतिबंधित होने के बावजूद, कांग्रेस सांसद हिबी ईडन सहित कई नेताओं ने वहां वीडियो बनाए।

बीजेपी नेता ने चेतावनी दी है कि यदि देवस्वोम प्रशासन इस नियम उल्लंघन पर कार्रवाई नहीं करता है, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने आरोपों को नकारा

विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अपने बयान में उन्होंने कहा:

“मेरे गुरुवायूर मंदिर दौरे को लेकर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। मुझे अच्छी तरह पता है कि रविवार को वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं होती है। मैंने बकायदा दर्शन के लिए निर्धारित टिकट लिया था। मेरे साथ केवल चार लोग मौजूद थे और हमने दर्शन के सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लिया।

मंदिर प्रशासन (देवस्वोम) ने दी क्लीन चिट

इस पूरे मामले पर मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले गुरुवायूर देवस्वोम ने मुख्यमंत्री को क्लीन चिट दे दी है।

  • आधिकारिक स्पष्टीकरण: देवस्वोम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण मुख्यमंत्री ने निर्धारित ₹4,500 की श्रीकोविल नेयविलक्कु रसीद कटवाकर ही नियमों के तहत दर्शन किए थे।

  • अध्यक्ष का बयान: गुरुवायूर देवस्वोम के अध्यक्ष एवी गोपीनाथ ने कहा कि प्रथम दृष्टया मुख्यमंत्री या उनके दल द्वारा किसी भी नियम का उल्लंघन किए जाने का मामला नजर नहीं आता है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ आम श्रद्धालुओं से शिकायतें मिली हैं कि मुख्यमंत्री के वीआईपी मूवमेंट के कारण वे समय पर पूजा नहीं कर सके, जिसकी जांच कराई जाएगी।

धार्मिक स्थलों पर ‘VIP कल्चर’ पर फिर उठे सवाल

इस विवाद ने एक बार फिर देश के बड़े धार्मिक स्थलों पर वीआईपी कल्चर और आम श्रद्धालुओं के साथ होने वाले भेदभाव की बहस को हवा दे दी है। आलोचकों का मानना है कि भगवान के दरबार में आस्था और समानता सर्वोपरि होनी चाहिए, जहां नेताओं, अधिकारियों या रसूखदारों के लिए अलग नियम नहीं होने चाहिए। दूसरी ओर, मंदिर प्रशासन का तर्क रहता है कि विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए ऐसे विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।