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CM Yogi News: टेकसंगम 2026 में AI पर बोले सीएम योगी, कहा- तकनीक मददगार हो सकती है, निर्णायक नहीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित टेकसंगम 2026 कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि AI मददगार साबित हो सकता है, लेकिन इसे निर्णायक नहीं बनने देना चाहिए। उनके बयान में तकनीक के उपयोग और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मानवीय भूमिका के महत्व पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने AI के बढ़ते इस्तेमाल के संदर्भ में इसके उपयोग की भूमिका पर चर्चा की। उनका कहना था कि तकनीक का इस्तेमाल सहायता के लिए किया जा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी पूरी तरह तकनीक पर नहीं छोड़ी जानी चाहिए।

AI के इस्तेमाल पर सीएम योगी का क्या कहना है?

टेकसंगम 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उपयोगी तकनीक के रूप में देखते हुए इसके इस्तेमाल की सीमाओं पर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, AI विभिन्न कामों में सहायता कर सकता है, लेकिन इसे निर्णय लेने वाला अंतिम माध्यम नहीं बनाना चाहिए।

AI का इस्तेमाल आज कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीक से मिलने वाले परिणामों का आकलन करना और जरूरी निर्णयों में मानवीय विवेक को बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री का बयान इसी विषय को लेकर चर्चा में आया है।

टेकसंगम 2026 में तकनीक और मानवीय निर्णय की भूमिका पर चर्चा

लखनऊ में आयोजित टेकसंगम 2026 कार्यक्रम में AI के उपयोग से जुड़े मुद्दे सामने आए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि तकनीक से प्राप्त सुझावों और परिणामों को अंतिम निर्णय में किस तरह शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, AI को सहायता देने वाले साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसका अर्थ है कि तकनीक की उपयोगिता के साथ-साथ निर्णय लेने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण बनी रहती है।

‘भू-माफिया के सामने पुलिस थी बेबस’ वाले बयान का संदर्भ

इस खबर के साथ दिए गए शीर्षक में भू-माफिया और पुलिस से जुड़ा एक किस्सा सुनाए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इस किस्से की पूरी जानकारी, घटना का स्थान, समय और मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा मौजूद नहीं है। इसलिए उस प्रसंग को लेकर कोई अतिरिक्त दावा करना उचित नहीं होगा। पूरी रिपोर्ट उपलब्ध होने पर इस हिस्से को तथ्यों और बयान के संदर्भ सहित विस्तार से शामिल किया जा सकता है।