Char Dham Yatra 2026: चारधाम जाने से पहले रजिस्ट्रेशन के साथ ‘ग्रीन कार्ड’ भी है जरूरी

उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और अब तक लाखों श्रद्धालु बाबा केदार, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं। यदि आप भी इस यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो केवल अपना रजिस्ट्रेशन (Registration) करवाना ही काफी नहीं है। आपकी गाड़ी का ‘ग्रीन कार्ड’ होना भी उतना ही अनिवार्य है। हाल ही में मध्य प्रदेश के भिंड से आए 90 यात्री केवल इसलिए दो दिनों तक हरिद्वार में फंसे रहे क्योंकि उनके वाहनों का ग्रीन कार्ड समय पर नहीं बन पाया था। आइए जानते हैं क्या है यह नियम और क्यों इसके बिना आपकी यात्रा अधूरी रह सकती है।

हरिद्वार में काटी रात, सर्वर बना यात्रियों की मुसीबत

मध्य प्रदेश के भिंड जिले से 4 बसों में सवार होकर आए 90 यात्रियों को ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र पर पूरी रात जमीन पर लेटकर और कुर्सियों पर बैठकर बितानी पड़ी। इन यात्रियों को बदरीनाथ पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करना था, लेकिन वाहनों के ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए सर्वर डाउन होने की वजह से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि परिवहन विभाग के अस्थाई कार्यालय से कोई ठोस जवाब नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।

आखिर क्या है ये ‘ग्रीन कार्ड’ और क्यों है अनिवार्य?

चारधाम यात्रा के मार्ग बेहद दुर्गम और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने वाणिज्यिक वाहनों (टैक्सी, बस, मैक्सी कैब) के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ अनिवार्य किया है। यह एक ऐसा डिजिटल दस्तावेज है जिसमें वाहन के सभी जरूरी कागज जैसे—रोड परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, टैक्स रसीद, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और बीमा की पूरी जानकारी शामिल होती है। इसके बिना किसी भी कमर्शियल वाहन को चेक-पोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

ग्रीन कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

चारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनाया जा सकता है। इसके लिए आपको इन चरणों का पालन करना होगा:

  • आधिकारिक वेबसाइट: वाहन मालिक को उत्तराखंड परिवहन विभाग के पोर्टल greencard.uk.gov.in पर जाना होगा।

  • विवरण दर्ज करें: यहाँ वाहन नंबर, परमिट और ड्राइवर से जुड़ी जानकारी भरनी होती है।

  • जरूरी दस्तावेज: आरसी (RC), फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और टैक्स क्लियरेंस जैसे दस्तावेज अपलोड करने अनिवार्य हैं।

  • सत्यापन: शुल्क जमा करने के बाद आरटीओ द्वारा सत्यापन होते ही कार्ड जारी कर दिया जाता है।

प्रशासन की अपील: सीधे विभाग से करें संपर्क

मामले पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था धर्मशालाओं और केंद्रों में की गई थी। वहीं, एआरटीओ निखिल शर्मा के मुताबिक, सर्वर की समस्या के कारण कुछ वाहनों के कार्ड अटक गए थे। अधिकारियों ने सलाह दी है कि यदि ऑनलाइन पोर्टल पर कोई समस्या आए, तो चालक या वाहन स्वामी को तुरंत नजदीकी परिवहन विभाग कार्यालय पहुंचकर ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।