
देश की राजनीति में आज मंगलवार को एक और बहुत बड़ा दल-बदल देखने को मिल सकता है, जिसने विपक्षी खेमों में हलचल तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आधिकारिक तौर पर एलान किया है कि विपक्ष का एक बेहद कद्दावर और जाना-माना नेता आज बीजेपी परिवार का हिस्सा बनने जा रहा है। हालांकि, सस्पेंस को बरकरार रखते हुए भाजपा ने अभी तक उस बड़े चेहरे के नाम का खुलकर खुलासा नहीं किया है। इस बीच, सियासी गलियारों में यह अटकलें बेहद तेज हो गई हैं कि ओडिशा की क्षेत्रीय पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) या फिर पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कोई मौजूदा या पूर्व सांसद आज भगवा दल का दामन थाम सकता है।
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी के एक ट्वीट ने बढ़ाया सियासी पारा
इस बड़े उलटफेर की सुगबुगाहट उस वक्त पूरी तरह यकीन में बदल गई जब भाजपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पर एक सस्पेंस भरा पोस्ट लिखा। अनिल बलूनी ने जानकारी देते हुए लिखा, ‘देश का एक बेहद जाना-माना चेहरा आज मंगलवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने जा रहा है।’ उन्होंने इस पोस्ट में किसी नेता का नाम तो उजागर नहीं किया, लेकिन इस खबर के बाहर आते ही विपक्षी पार्टियों के नेताओं के फोन घनघनाने शुरू हो गए हैं।
अपमान का आरोप लगाकर बीजद छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय रेस में सबसे आगे
बीजेपी में शामिल होने वाले चेहरों की रेस में इस वक्त ओडिशा से बीजू जनता दल (BJD) के राज्यसभा सदस्य देबाशीष सामंतराय का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। दरअसल, सोमवार को ही देबाशीष सामंतराय ने पार्टी में खुद को लगातार अपमानित किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए बीजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सामंतराय ने पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक को लिखे अपने पत्र में साफ कहा था, ‘हाल के समय में मुझे ऐसा महसूस हुआ कि पार्टी के भीतर मुझे लगातार नीचा दिखाया जा रहा है और मेरी राजनीतिक सेवाओं की अब संगठन को कोई आवश्यकता नहीं रह गई है। इसलिए मैंने जनहित को ध्यान में रखते हुए यह बेहद कठिन और बड़ा फैसला लिया है।’
बता दें कि सामंतराय का यह इस्तीफा ओडिशा की राजनीति के लिए नया नहीं है। इससे कुछ महीने पहले ही बीजद के दो अन्य राज्यसभा सांसदों सुजीत कुमार और ममता महंता ने भी नवीन पटनायक का साथ छोड़ दिया था, जो बाद में भाजपा के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे। सामंतराय 2009 और 2014 में दो बार विधायक भी रह चुके हैं और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका अगला पड़ाव आज भाजपा ही होने जा रहा है।
क्या ममता बनर्जी की बेहद करीबी सांसद काकोली घोष दस्तीदार छोड़ेंगी टीएमसी का साथ?
बीजेपी की इस जॉइनिंग को लेकर दूसरी बड़ी और सबसे चौंकाने वाली अटकल पश्चिम बंगाल से आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी और टीएमसी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार पिछले कुछ समय से अपनी ही पार्टी से नाराज चल रही हैं। हाल ही में उन्होंने बारासात जिला अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार से बातचीत में उनके बेटे वैद्यनाथ घोष ने स्पष्ट किया कि काकोली घोष ने टीएमसी की महिला मोर्चा के पद से भी इस्तीफा दे दिया है और वह जल्द ही सांसद पद भी छोड़ सकती हैं। उनके बेटे ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए कई भ्रष्टाचार के स्कैंडल्स ने उनके परिवार की साफ-सुथरी छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है, जिससे वे आहत हैं।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के इस संदेश ने सस्पेंस को किया और गहरा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच टीएमसी सांसद और लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक सोशल मीडिया संदेश ने सस्पेंस को चरम पर पहुंचा दिया है। गौरतलब है कि बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी ने काकोली घोष को हटाकर कल्याण बनर्जी को ही मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष का नाम लिए बिना एक बेहद रहस्यमयी पोस्ट में लिखा, ‘आपकी आगे की राजनीतिक यात्रा सुगम, सरल और आरामदायक हो। आपको और आपके पूरे परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए मेरी तरफ से ढेरों शुभकामनाएं। शायद अब आखिरकार आपके आस-पास लगे सारे राजनीतिक दाग और विवाद पूरी तरह धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, उम्मीद है कि यह नया अध्याय वहां जरूर सफल होगा जहां आपके पिछले सभी स्पष्टीकरण पूरी तरह विफल साबित रहे।’ कल्याण बनर्जी के इस बधाई संदेश को इस बात का पुख्ता संकेत माना जा रहा है कि काकोली घोष दस्तीदार टीएमसी को तगड़ा झटका देकर बीजेपी के पाले में जा रही हैं।
girls globe