सौरव गांगुली की सुरक्षा में बड़ी कटौती! ‘Z’ कैटेगरी हटाकर अब दी गई ‘Y’ श्रेणी की सिक्योरिटी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को लेकर एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पश्चिम बंगाल सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद ‘दादा’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली की वीआईपी सुरक्षा (VIP Security) में भारी कटौती करने का फैसला किया है। गांगुली को अब तक राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रतिष्ठित ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा को हटा दिया गया है, और उसे डाउनग्रेड करके अब ‘Y’ कैटेगरी में तब्दील कर दिया गया है। सरकार के इस अचानक उठाए गए कदम के बाद खेल जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है।

क्या होती है ‘Z’ और ‘Y’ कैटेगरी में अंतर? अब गांगुली को मिलेंगे इतने सुरक्षाकर्मी

सुरक्षा प्रोटोकॉल के जानकारों के मुताबिक, ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा में सौरव गांगुली के साथ चौबीसों घंटे करीब 11 से 15 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे, जिसमें पुलिस के कमांडो और विशेष एस्कॉर्ट वाहन (Escort Vehicle) भी शामिल होते थे। उनके घर पर भी कड़ा पहरा रहता था। लेकिन अब ‘Y’ कैटेगरी की सुरक्षा के तहत उनके साथ केवल 1 या 2 कमांडो और कुल 5 से 8 सुरक्षाकर्मी ही तैनात रहेंगे। इसके अलावा, अब उनके काफिले के साथ चलने वाली विशेष पायलट कार और एस्कॉर्ट गाड़ियां भी हटा ली जाएंगी। हालांकि, जब भी वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या राज्य से बाहर यात्रा करेंगे, तो स्थानीय पुलिस उन्हें आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराएगी।

अचानक क्यों घटाई गई ‘दादा’ की सुरक्षा? राज्य सरकार की समिति ने बताई असली वजह

सौरव गांगुली की सुरक्षा में की गई इस कटौती के पीछे किसी राजनीतिक कारण से साफ इनकार किया गया है। पश्चिम बंगाल गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में वीआईपी और वीवीआईपी (VVIP) हस्तियों को मिलने वाली सुरक्षा की समय-समय पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति (Security Review Committee) द्वारा जांच की जाती है। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) से मिले इनपुट और गांगुली को वर्तमान में किसी भी तरह का प्रत्यक्ष खतरा (Threat Perception) न होने की रिपोर्ट के बाद ही यह प्रशासनिक फैसला लिया गया है। समिति का कहना है कि सुरक्षा बलों के सही इस्तेमाल और जरूरत के आधार पर ही वीआईपी सुरक्षा को अपग्रेड या डाउनग्रेड किया जाता है।

साल 2023 में बढ़ाई गई थी सुरक्षा, अब दोबारा पुराने सुरक्षा घेरे में लौटे गांगुली

आपको बता दें कि सौरव गांगुली की सुरक्षा को साल 2023 में तत्कालीन सुरक्षा इनपुट के आधार पर ‘Y’ से बढ़ाकर ‘Z’ कैटेगरी किया गया था। उस दौरान कुछ विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया था। अब करीब तीन साल बाद स्थिति सामान्य होने पर सरकार ने उनकी सुरक्षा को दोबारा पुराने स्तर पर ला दिया है। सौरव गांगुली वर्तमान में केवल क्रिकेट प्रशासन से ही नहीं, बल्कि कई बड़े कॉरपोरेट ब्रांड्स और विज्ञापनों से भी जुड़े हुए हैं, जिसके चलते उनका लगातार सार्वजनिक स्थानों और दौरों पर आना-जाना लगा रहता है। इस सुरक्षा कटौती पर अभी तक सौरव गांगुली या उनके परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सुरक्षा कटौती पर शुरू हुई सियासी बयानबाजी, विपक्ष ने सरकार को घेरा

क्रिकेट के दिग्गज सौरव गांगुली की सुरक्षा कम किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी उबाल आ गया है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि सौरव गांगुली बंगाल का गौरव (Pride of Bengal) और देश के सबसे बड़े आइकन में से एक हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता करना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। वहीं, सत्ताधारी दल के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह एक विशुद्ध रूप से प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया है, जिसे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तय करती हैं। इसमें किसी भी तरह की राजनीति ढूंढना पूरी तरह से गलत है।