हरिद्वार/रुड़की: उत्तराखंड सरकार के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस और एसटीएफ (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है। रुड़की के मंगलौर थाना क्षेत्र के लंढौरा में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने नशे के सौदागरों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए प्रतिबंधित दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी है।
18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल जब्त
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और मंगलौर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में मौके से 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए हैं।
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क्या है ट्रामाडोल: यह मूल रूप से दर्द निवारक दवा है, लेकिन इसके नशे के रूप में बढ़ते दुरुपयोग के कारण इसे NDPS एक्ट के तहत प्रतिबंधित किया गया है।
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बरामदगी: पुलिस ने नशीली दवाओं के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया है।
पुलिस को देख तस्कर हुए फरार
सटीक मुखबिरी के आधार पर जब पुलिस टीम ने लंढौरा क्षेत्र में घेराबंदी की, तो तस्करों को इसकी भनक लग गई। गिरफ्तारी के डर से आरोपी अपनी मोटरसाइकिल और नशीली दवाओं से भरा बैग छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकले।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और जांच
मंगलौर पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की जांच दो मुख्य बिंदुओं पर टिकी है:
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सप्लाई चेन: इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं कहां से लाई गई थीं और इनके पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
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फरार आरोपियों की धरपकड़: एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें फरार तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
प्रशासन की अपील: एसटीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा। साथ ही, पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें ताकि देवभूमि के युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सके।
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