BCCI सचिव की ‘ना’ के बावजूद फैंस की धड़कनें तेज! रोहित शर्मा के इन 3 इशारों से मची खलबली, क्या रिटायरमेंट है करीब

भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर मची अटकलों पर BCCI सचिव ने भले ही विराम लगाने की कोशिश की हो, लेकिन क्रिकेट के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आधिकारिक बयानों के इतर, रोहित शर्मा की हालिया गतिविधियां और उनके खेल के प्रति नजरिए में आए बदलावों ने उनके करोड़ों चाहने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। BCCI की ओर से भले ही सब कुछ सामान्य बताया जा रहा हो, लेकिन ये 3 बड़े संकेत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि रोहित शर्मा शायद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी पड़ाव पर खड़े हैं। फैंस अब इस बात को लेकर सहमे हुए हैं कि क्या उनका पसंदीदा खिलाड़ी जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेने वाला है।

1. अहम सीरीज से लगातार ब्रेक और बढ़ती दूरियां

रोहित शर्मा का हालिया समय में लगातार बड़े मैचों और महत्वपूर्ण सीरीज से ब्रेक लेना फैंस के लिए एक चिंता का सबब बन गया है। पहले इसे वर्कलोड मैनेजमेंट का नाम दिया जा रहा था, लेकिन अब यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह ब्रेक केवल थकान दूर करने के लिए है या फिर रोहित खुद को धीरे-धीरे खेल से दूर कर रहे हैं? पिछले कुछ महीनों में उनकी टीम से अनुपस्थिति ने इस सवाल को और बड़ा कर दिया है कि क्या ‘हिटमैन’ अब केवल बड़े टूर्नामेंट्स पर ही फोकस करना चाहते हैं?

2. मैदान पर बॉडी लैंग्वेज और बॉडी फेटिग का संकेत

हालिया कुछ मैचों में रोहित शर्मा की बॉडी लैंग्वेज में एक अजीब सा ठहराव और कभी-कभी थकान साफ देखी गई है। फील्डिंग के दौरान जिस ऊर्जा की उम्मीद उनसे की जाती है, उसमें एक बदलाव महसूस हो रहा है। मैदान पर उनके हाव-भाव और साथियों के साथ चर्चाओं में जिस तरह की गंभीरता दिखाई देती है, वह अनुभवी खिलाड़ियों के उस दौर की याद दिलाती है जब वे संन्यास की दहलीज पर होते हैं। फैंस की निगाहें उनके हर कदम पर हैं और यह ‘शांति’ उन्हें अंदर तक डरा रही है।

3. भविष्य की योजना और कप्तानी का ‘हैंडओवर’

तीसरा और सबसे बड़ा इशारा है टीम में युवा खिलाड़ियों को कमान सौंपने की प्रक्रिया का तेज होना। रोहित शर्मा जिस तरह से युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दे रहे हैं, वह किसी ‘लीजेंड’ के विदाई से ठीक पहले का माहौल जैसा है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि रोहित शर्मा अब अपनी भूमिका को केवल रन बनाने तक ही सीमित नहीं रख रहे, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी को तैयार करने के मिशन पर हैं। जब एक खिलाड़ी खुद से ज्यादा टीम के भविष्य की चिंता करने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि वह अपनी अंतिम पारी की तैयारी कर रहा है। BCCI की लाख सफाई के बाद भी, ये तीन इशारे रोहित शर्मा के फैंस के लिए एक ‘अलार्म’ से कम नहीं हैं।