राम मंदिर दान चोरी केस: 6 आरोपियों की गवाही के बाद अब चाचा-भतीजे पर टिकी नजरें, क्या टिन्नू और मनीष खोलेंगे राज

अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्र से चोरी के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों से पूछताछ पूरी कर ली है, जिससे जांच को कई महत्वपूर्ण कड़ियाँ मिली हैं। अब इस केस की जांच की आंच सीधे ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी यानी टिन्नू यादव और मनीष तक पहुंच गई है। पुलिस के लिए ये दोनों नाम अब इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन दोनों से होने वाली पूछताछ में चोरी की गई रकम और इसमें शामिल अन्य बड़े चेहरों के बारे में बड़ा खुलासा हो सकता है।

6 आरोपियों से मिली अहम जानकारी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों पकड़े गए 6 आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले नाम लिए हैं। इन लोगों ने अपना गुनाह कबूलते हुए बताया है कि वे लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इन लोगों ने यह भी संकेत दिए हैं कि मंदिर परिसर की सुरक्षा और दान पात्र के रखरखाव की जानकारी उन्हें भीतर से किसी ने मुहैया कराई थी। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस अब टिन्नू यादव और मनीष की तलाश कर रही है, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड हो सकते हैं।

चाचा-भतीजे की तलाश में पुलिस का जाल

टिन्नू यादव और मनीष का नाम सामने आने के बाद पुलिस अब इनके हर संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि ये दोनों ही वह मुख्य कड़ी हैं जो चोरी की गई रकम को ठिकाने लगाने और उसे आपस में बांटने की पूरी योजना का हिस्सा रहे हैं। पुलिस को यह भी शक है कि इन दोनों के पास कुछ ऐसे सबूत या दस्तावेज हो सकते हैं जो इस चोरी के पीछे के बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर सकते हैं। स्थानीय पुलिस के साथ ही अब खुफिया एजेंसियां भी इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

क्या बड़ा सुराग हाथ लगेगा?

अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जब टिन्नू यादव और मनीष पुलिस की गिरफ्त में होंगे, तो क्या वे सच उगलेंगे? यदि ये दोनों पूछताछ में सहयोग करते हैं, तो पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्या दान चोरी की यह घटना केवल एक छोटी सी वारदात थी या इसके पीछे कोई गहरी सोची-समझी साजिश है। अयोध्या के संतों और स्थानीय भक्तों में भी इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है, जो चाहते हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। फिलहाल, पुलिस की टीमें पूरी सतर्कता के साथ इस मामले के अंतिम छोर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।