
पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में कुदरत ने भयानक तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश, बादल फटने (Cloudburst) और जगह-जगह हुए भीषण भूस्खलन (Landslides) के कारण पर्वतीय नदियां और बरसाती नाले अचानक उफान पर आ गए। इस विनाशकारी सैलाब और मलबे के बहाव ने तटीय व सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सबसे बड़ा हादसा उस समय हुआ जब अचानक आए तेज सैलाब में भारतीय सेना (Indian Army) का एक अग्रिम कैंप पूरी तरह बह गया। इस दुखद प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 स्थानीय नागरिकों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सेना के 5 जवान सैलाब में बह जाने के बाद से लापता हैं। घटना के बाद राज्य प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान में जुट गई हैं।
बादल फटने से आया पानी और पत्थरों का सैलाब: बह गया सैन्य कैंप
स्थानीय प्रशासन और सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुदूर पहाड़ी और दुर्गम इलाके में तड़के बादल फटने जैसी भारी बारिश हुई, जिसके बाद पहाड़ियों से भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और विशालकाय चट्टानें नीचे की ओर लुढ़कते हुए आ गिरीं।
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अचानक बढ़ा जलस्तर: पास बहने वाली पहाड़ी नदी में जलस्तर कुछ ही मिनटों में रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया, जिससे किनारे स्थित सैन्य प्रतिष्ठान और कैंप चपेट में आ गए।
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तंबू और बंकर बहे: पानी का बहाव इतना तेज था कि कैंप के तंबू, जरूरी साजो-सामान और वाहन सैलाब में बह गए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात 5 जवान पानी के तेज बहाव में लापता हो गए।
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सर्च ऑपरेशन तेज: सेना के विशेष गोताखोरों, सेना के हेलीकॉप्टरों और खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) की मदद से पूरे नदी क्षेत्र और मलबे के ढेर में लापता जवानों की तलाश के लिए बड़ा सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नागरिक इलाकों में तबाही: 4 लोगों की मौत और दर्जनों घर जमींदोज
पहाड़ों से आए इस विनाशकारी सैलाब का असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निचले रिहायशी गांवों में भी भयानक तबाही देखने को मिली है।
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घरों में घुसा मलबा: कई बस्तियों में सोए हुए लोगों के घरों में अचानक कीचड़ और पानी घुस गया, जिसमें दबने और बहने से 4 लोगों की जान चली गई।
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सड़क और पुल ध्वस्त: कई प्रमुख पहाड़ी संपर्क मार्ग, पुलिया और नेशनल हाईवे भूस्खलन की वजह से टूट चुके हैं, जिससे दर्जनों सीमावर्ती गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।
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बिजली और टेलीकॉम ठप: तेज हवाओं और पानी के बहाव से बिजली के खंभे और मोबाइल टॉवर उखड़ गए हैं, जिससे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर: रेड अलर्ट जारी
आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें नावों और अर्थमूवर मशीनों (JCB) के जरिए मलबे को हटाने और फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने में जुटी हैं।
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राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आपातकालीन राहत और वित्तीय सहायता की घोषणा की है।
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मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट (Red Alert) जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है।
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