मुख्य आरोपी प्रोफेसर की चार मंजिला इमारत पर चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण जमींदोज

देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य और उनकी डॉक्टर बनने की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के प्रश्नपत्र लीक मामले के मुख्य मास्टरमाइंड और आरोपी प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी पर कानूनी शिकंजा और ज्यादा कस गया है। महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थानीय नगर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी से जुड़ी एक विशाल निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत के अवैध हिस्सों पर प्रशासनिक बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह से जमींदोज कर दिया है। पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई से शिक्षा माफियाओं और पेपर लीक करने वाले गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है।

बीड नगर परिषद ने नियमों के उल्लंघन पर दिया था अल्टीमेटम, शाहूनगर में ढहाया गया अवैध निर्माण

यह पूरी प्रशासनिक कार्रवाई बीड शहर के पॉश इलाके शाहूनगर में अंजाम दी गई है। बीड नगर परिषद के मुख्य अधिकारी शैलेश फडसे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शाहूनगर क्षेत्र में बन रही यह चार मंजिला आलीशान इमारत पूरी तरह से स्थानीय भवन निर्माण नियमों और नक्शे की धज्जियां उड़ाकर तैयार की जा रही थी। नगर निकाय की जांच में इस इमारत के अंदर कई गंभीर तकनीकी अनियमितताएं और अवैध निर्माण पाए गए थे। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर प्रशासन ने पहले संबंधित ठेकेदार और भवन मालिक को कानूनी नोटिस जारी किया था, जिसमें एक निश्चित समय सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण को स्वयं हटाने का कड़ा निर्देश दिया गया था।

समय सीमा खत्म होते ही एक्शन में आया प्रशासन, आरोपी ने खुद ही तोड़ा अपना अवैध साम्राज्य

प्रशासन द्वारा दी गई कानूनी समय सीमा जैसे ही समाप्त हुई, नगर निकाय की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई। नगर परिषद के अधिकारियों की कड़क देखरेख में सोमवार से इस अनधिकृत और अवैध निर्माण को ढहाने की बड़ी प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्य अधिकारी शैलेश फडसे ने बताया कि प्रशासन के सख्त तेवरों और कानूनी कार्रवाई के भारी डर को देखते हुए अंततः आरोपी और उसके ठेकेदार ने खुद ही स्वेच्छा से उस चार मंजिला इमारत के सभी अवैध हिस्सों को हटाना और तोड़ना शुरू कर दिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में इस जमीन पर दोबारा भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया जाता है, तो पहले मौके पर जाकर जमीन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और नियमों के 100% पालन होने पर ही मंजूरी दी जाएगी।

सालों तक नीट का पेपर सेट करता था रसायन विज्ञान का यह प्रोफेसर, पुणे से हुई थी गिरफ्तारी

नीट पेपर लीक का यह मुख्य आरोपी प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, बल्कि लातूर का रहने वाला रसायन विज्ञान (Chemistry) का एक बेहद प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी पिछले कई सालों तक राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET) का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय पैनल का एक सक्रिय हिस्सा रह चुका था। परीक्षा प्रणाली की बारीकियों और कमजोरियों का फायदा उठाकर उसने इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया। विगत महीने ही पुणे पुलिस और केंद्रीय जांच टीमों ने जाल बिछाकर उसे पुणे से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह जेल की सलाखों के पीछे है।

पेपर लीक मामले में सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अब तक 13 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी है। सीबीआई की टीमें देश के अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं। इस देशव्यापी जांच के तहत सीबीआई ने अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी सहित कुल 13 बड़े और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बीड में हुई इस बुलडोजर कार्रवाई को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के खिलाफ एक बेहद कड़े और निर्णायक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।