
चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया था। जिस गैंगरेप की खबर ने देवभूमि में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी, उसकी हकीकत कुछ और ही निकली। पुलिस की जांच और एक वायरल वीडियो ने इस पूरे मामले का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। जांच में पता चला है कि युवती ने अपने साथ गैंगरेप की जो कहानी सुनाई थी, वह पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था ‘मदद’ का वीडियो
कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें युवती बदहवास हालत में सड़क किनारे पड़ी नजर आ रही थी। वीडियो में दावा किया गया था कि युवती के साथ कुछ दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे वहां फेंककर फरार हो गए। इस वीडियो के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मामले की जांच के लिए टीमें गठित कर दी गईं। पुलिस ने युवती का मेडिकल परीक्षण कराया और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की, लेकिन कहानी के तार जुड़ नहीं रहे थे।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन ने बदली जांच की दिशा
चंपावत पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और युवती के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिस समय युवती ने घटना होने का दावा किया था, उस समय की लोकेशन और वहां मौजूद लोगों के बयान मेल नहीं खा रहे थे। कड़ाई से पूछताछ करने और तकनीकी साक्ष्यों को सामने रखने के बाद युवती टूट गई और उसने स्वीकार किया कि उसने यह पूरी कहानी खुद ही रची थी।
आखिर क्यों रची गई गैंगरेप की झूठी साजिश?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती ने यह कदम निजी रंजिश और कुछ लोगों को फंसाने के इरादे से उठाया था। युवती ने जानबूझकर खुद को ऐसी हालत में पेश किया जिससे लोगों को लगे कि उसके साथ अनहोनी हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में उसके साथ कुछ और लोग भी शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि ऐसी झूठी शिकायतों से न केवल पुलिस का समय बर्बाद होता है बल्कि समाज में बेवजह दहशत फैलती है।
पुलिस की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
एसपी चंपावत ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन कानून का दुरुपयोग भी एक गंभीर अपराध है। इस मामले में पुलिस अब युवती के खिलाफ भ्रामक सूचना फैलाने और पुलिस को गुमराह करने के आरोप में विधिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
girls globe