New Income Tax Act: नए टैक्स नियमों से डरने की जरूरत नहीं, आयकर विभाग के ये 2 कड़क डिजिटल टूल्स करेंगे हर मुश्किल आसान

देश में चालू वित्त वर्ष से लागू हो चुके नए वित्तीय और कर कानूनों के बाद टैक्सपेयर्स के बीच नियमों की स्पष्टता को लेकर कई तरह के कड़े सवाल उठ रहे हैं। पुराने टैक्स ढांचे से पूरी तरह विदा लेकर देश नए कर कानून के फ्रेमवर्क में कदम रख चुका है। ऐसे में पुराने कानून (Income Tax Act, 1961) से नए कानून (Income Tax Act, 2025) पर स्विच करने वाले देश के करोड़ों करदाताओं की व्यावहारिक मदद के लिए आयकर विभाग ने दो बेहद शानदार और कड़क डिजिटल टूल्स लॉन्च किए हैं।

यदि आप भी आगामी 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले अपना नया आयकर रिटर्न (ITR Filing) भरने की तैयारी कर रहे हैं और नए नियमों को एक साथ व बेहद आसान मानवीय भाषा में समझना चाहते हैं, तो ‘कर सेतु’ (Kar Setu) और ‘कर साथी’ (Kar Saathi) नाम के ये दो डिजिटल आविष्कार आपके सबसे बड़े मददगार साबित होने वाले हैं।

जयपुर से शुरू हुआ देशव्यापी आउटरीच कैंपेन ‘PRARAMBH 2026’

टैक्सपेयर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) और सभी हितधारकों (Stakeholders) के बीच नए ‘इनकम-टैक्स एक्ट, 2025’ और ‘इनकम-टैक्स रूल्स, 2026’ को लेकर कड़क जागरूकता फैलाने के लिए आयकर विभाग ने एक विशेष देशव्यापी आउटरीच अभियान ‘PRARAMBH 2026’ की शुरुआत की है। इसी बड़े अभियान के तहत शुक्रवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (राजस्थान रीजन) द्वारा जयपुर में एक वृहद और खास अवेयरनेस प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया।

इस महत्वपूर्ण इवेंट को संबोधित करते हुए राजस्थान के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स सुमीत कुमार ने विभाग के आधुनिक दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और कर विभाग का मुख्य फोकस जटिल टैक्स कानूनों के सरलीकरण (Simplification), विश्वास आधारित शासन (Trust-Based Governance), कई तकनीकी व छोटे प्रावधानों के डिक्रिमिनलाइजेशन (अपराध की श्रेणी से बाहर करना) और करदाताओं को समय पर कड़क डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। इस कार्यक्रम में टैक्सपेयर्स की सटीक गाइडेंस के लिए कॉमिक बुक्स, विशेष ब्रोशर्स और संवाद सेशन्स के साथ ही ‘कर सेतु’ और ‘कर साथी’ टूल्स को बड़े स्तर पर प्रमोट किया गया।

पुराने और नए कानून के अंतर को कैसे खत्म करेंगे ये दो टूल्स?

ये दोनों डिजिटल और प्रिंट टूल्स नागरिकों को पुराने 1961 एक्ट से पूरी तरह री-डिजाइन हो चुके नए 2025 एक्ट के कानूनी फ्रेमवर्क में बेहद स्मूदली ट्रांजिशन (बदलाव) करने की कड़क यूटिलिटी देते हैं। आइए बारीकी से समझते हैं कि ये आपके किस काम आएंगे:

1. क्या है ‘कर सेतु’ (Kar Setu)?

कर सेतु असल में आयकर विभाग द्वारा तैयार की गई एक बेहद विस्तृत, प्रामाणिक और सुव्यवस्थित इंफॉर्मेशन बुकलेट (सूचना पुस्तिका) है।

  • धाराओं की मैपिंग: यह बुकलेट पुराने 1961 कानून की धाराओं (Sections) को नए 2025 कानून के अपडेटेड फ्रेमवर्क के साथ हूबहू मैप करके दिखाती है।

  • ढूंढना हुआ आसान: इसकी मदद से आम टैक्सपेयर या चार्टर्ड अकाउंटेंट यह आसानी से ट्रैक कर सकते हैं कि पुराने कानून के कौन से क्लॉज और सेशन्स नए कानून में कहां री-अरेंज किए गए हैं, कौन से सेक्शन नंबर बदले हैं और किन प्रावधानों में कड़ा संशोधन हुआ है।

  • स्मार्ट यूटिलिटी: इस बुकलेट में एडवांस क्यूआर कोड (QR Codes) और एक कनवर्टर यूटिलिटी टूल भी दिया गया है, जिसे स्कैन करके पुराने व नए रूल्स की तुलना डिजिटल स्क्रीन पर बेहद आसानी से की जा सकती है।

2. क्या है ‘कर साथी’ (Kar Saathi)?

कर साथी आयकर विभाग द्वारा विकसित किया गया एक आधुनिक और बेहद एडवांस एआई-पावर्ड (Artificial Intelligence) इंटेलिजेंट वर्चुअल असिस्टेंट और चैटबॉट है।

  • 24×7 रियल-टाइम सपोर्ट: इस चैटबॉट को विभाग के नए और पूरी तरह रीवेम्प्ड (Revamped) मुख्य इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के साथ इंटीग्रेट किया गया है।

  • कन्वर्सेशनल गाइडेंस: नया टैक्स रिटर्न भरते समय या नए नियमों के फॉर्म्स को समझते समय यदि आपको कोई भी असमंजस या तकनीकी कंफ्यूजन होता है, तो ‘कर साथी’ आपके साथ एक सच्चे दोस्त की तरह रियल-टाइम में चैट करके आपको सरल भाषा में कन्वर्सेशनल गाइडेंस देगा, ताकि आप बिना किसी गलती के अपना रिटर्न सबमिट कर सकें।

विशेषज्ञों की राय: जयपुर में आयोजित हुए इस भव्य प्रोग्राम में आईसीएआई (ICAI) के मेंबर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कॉरपोरेट्स के प्रतिनिधि और चैरिटेबल ट्रस्ट्स के संचालक भारी संख्या में शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक, इन अवेयरनेस प्रोग्राम्स और बुकलेट्स में पुराने व नए फॉर्म्स की कड़क तुलनात्मक तालिकाएं (Comparative Tables) दी गई हैं, जिससे इस साल बिना किसी कानूनी पचड़े या नोटिस के डर के, बेहद पारदर्शिता के साथ नया इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।