
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की एक हाई-प्रोफाइल बैठक में सभी मंत्रालयों के कामकाज का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलकर रख दिया गया। मोदी 3.0 सरकार की दूसरी वर्षगांठ (9 जून) से ठीक पहले हुई इस मैराथन बैठक में कैबिनेट सचिवालय द्वारा तैयार किए गए एक बेहद आधुनिक और नए ‘असेसमेंट सिस्टम’ के तहत साल 2025 के प्रदर्शन का ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया गया। इस कड़े मूल्यांकन में जहां बेहतरीन काम करने वाले मंत्रालयों को शाबाशी मिली, वहीं खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने सरकारी पैसों की बर्बादी रोकने के लिए मंत्रियों के वीआईपी कल्चर और दौरों पर कैंची चला दी है।
नई मूल्यांकन प्रणाली: जानें 2025 में किस फॉर्मूले से तय हुई मंत्रालयों की परफॉर्मेंस
कैबिनेट सचिवालय के इस नए असेसमेंट सिस्टम के तहत मंत्रालयों के कामकाज की बेहद सूक्ष्म और वैज्ञानिक तरीके से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने सभी मंत्रियों और मंत्रालयों का विस्तृत स्कोरकार्ड टेबल पर रखा। इस दौरान नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा सहित देश के कई शीर्ष नौकरशाह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस बात का पूरा खाका खींचा कि सरकारी कामकाज की गति को तेज कर इसे आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी कैसे बनाया जाए।
इन चार कड़े पैमानों पर कसे गए मंत्रालय: सिर्फ कागजी काम से नहीं बनी बात
इस बार मंत्रालयों को नंबर देने के लिए सिर्फ उनके रूटीन या कोर काम को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि वैश्विक और आंतरिक संकटों के समय उनकी सक्रियता को मुख्य पैमाना माना गया:
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जन शिकायत निवारण: आम जनता से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को किस मंत्रालय ने कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से सुलझाया।
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फाइल मैनेजमेंट: सरकारी दफ्तरों की सबसे बड़ी बीमारी यानी ‘अटकी हुई फाइलों’ का निपटारा करने में किसने कितनी फुर्ती दिखाई।
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रणनीतिक सूझबूझ: अंतर-मंत्रालयी (Inter-ministerial) विवादों या मामलों में किसने सबसे सटीक और दूरदर्शी सुझाव दिए।
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संकट प्रबंधन: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध जैसे गंभीर वैश्विक संकट के बीच देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों को कैसे सुरक्षित रखा गया।
बेस्ट और वर्स्ट परफॉर्मर: टॉप स्कोरर मंत्रालयों की लिस्ट आई सामने
इस कड़ी अग्निपरीक्षा में जहां कुछ मंत्रालयों ने अपने शानदार प्रदर्शन से बाजी मार ली, वहीं उम्मीद के मुताबिक परिणाम न देने वाले विभागों को अपनी खामियों को तुरंत सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया है। हालांकि, खराब प्रदर्शन करने वाले ‘वर्स्ट परफॉर्मर’ मंत्रालयों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन टॉप स्कोर हासिल करने वाले ‘बेस्ट परफॉर्मर’ मंत्रालयों की सूची इस प्रकार है:
| मंत्रालय | शानदार प्रदर्शन का मुख्य क्षेत्र (Top Category Performance) |
| उपभोक्ता मामले मंत्रालय | आम जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण और पश्चिम एशिया संकट का बेहतरीन प्रबंधन। |
| कोयला मंत्रालय | दफ्तरों में फाइलों का रिकॉर्ड तोड़ गति से निपटान और उत्कृष्ट विभागीय मैनेजमेंट। |
| ऊर्जा मंत्रालय | देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और तय लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करना। |
| स्वास्थ्य मंत्रालय | देश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और नीतिगत मोर्चे पर बेहतरीन लीडरशिप। |
पीएम मोदी का कड़ा रुख: “बंद करें फिजूलखर्ची और बड़े काफिले”, मंत्रियों को दिए ये 4 सख्त निर्देश
चार घंटे से भी अधिक समय तक चली इस गंभीर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को वीआईपी कल्चर (VIP Culture) को पूरी तरह छोड़ जमीन पर काम करने की नसीहत दी। पीएम मोदी ने देश के पैसे को बचाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं:
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विदेशी दौरों पर ‘नो एंट्री’: मंत्रियों के विदेश दौरों पर लगभग पाबंदी लगा दी गई है। अब कोई भी मंत्री तब तक विदेशी यात्रा पर नहीं जाएगा, जब तक कि वह देश के हित या भारत के भविष्य के लिए बेहद अनिवार्य न हो।
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छोटे होंगे मंत्रियों के काफिले: सड़कों पर मंत्रियों की गाड़ियों के साथ चलने वाले बड़े-बड़े काफिलों को तुरंत छोटा करने का हुक्म दिया गया है। VIP कल्चर के खिलाफ सरकार जल्द ही एक बड़ा अभियान भी शुरू कर सकती है।
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इंटरनेशनल समिट्स रद्द: सरकारी खजाने से होने वाली फिजूलखर्ची को रोकने के लिए आगामी कई अंतरराष्ट्रीय बैठकों, जैसे अफ्रीका समिट और ‘बिग कैट एलायंस’ की हाई-लेवल मीटिंग्स को फिलहाल के लिए टाल या रद्द कर दिया गया है।
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ऊर्जा संकट और विकल्प पर जोर: पश्चिम एशिया के तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में चल रहे कूटनीतिक गतिरोध को देखते हुए पीएम ने मंत्रियों को बायोगैस और नवीकरणीय (सोलर व विंड) ऊर्जा के इस्तेमाल को मिशन मोड में बढ़ाने का निर्देश दिया है।
देश की जनता के लिए इस ‘रिपोर्ट कार्ड’ के क्या हैं मायने?
आम तौर पर आम नागरिक सरकारी विभागों की लेट-लतीफी और बाबुओं के चक्कर काट-काटकर परेशान रहते हैं। लेकिन मोदी सरकार के इस नए ‘रिपोर्ट कार्ड सिस्टम’ ने पूरी नौकरशाही और मंत्रियों को एक सीधा और कड़ा संदेश दे दिया है कि सरकार में आपकी कुर्सी और रसूख सिर्फ और सिर्फ आपके ‘परफॉर्मेंस’ से तय होगा। इस व्यवस्था से सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए या देरी के सीधे जनता तक पहुंचेगा। इसके अलावा, मंत्रियों की फिजूलखर्ची पर रोक लगने से बचने वाला देश का करोड़ों रुपया सीधे इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों, अस्पतालों और विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा।
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