
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा की आसमान छूती कीमतों के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। आज 23 मई 2026 को देश के सभी बड़े और प्रमुख महानगरों में एलपीजी (रसोई गैस) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा जारी ताजा रेट लिस्ट के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अपने पुराने स्तर पर ही पूरी तरह स्थिर हैं, जिससे महंगाई की मार झेल रहे आम मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट को थोड़ी राहत मिली है।
घरेलू रसोई गैस के दामों को स्थिर रखने का यह कड़ा फैसला ऐसे संवेदनशील समय में आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली वैश्विक तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी अस्थिरता और उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है।
आज ही अपने शहर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की दरें जांचें
देश के मुख्य शहरों में आज 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की नई दरें इस प्रकार लागू हैं:
| शहर (City) | घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) | कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलोग्राम) |
| नई दिल्ली | ₹913.00 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,071.50 (+₹993.00) |
| मुंबई | ₹912.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,024.00 (+₹993.00) |
| लखनऊ | ₹950.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,194.00 (+₹993.00) |
| नोएडा | ₹910.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,071.50 (+₹993.00) |
| गुरुग्राम | ₹921.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,088.00 (+₹993.00) |
| पटना | ₹1,002.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,346.50 (+₹993.50) |
| कोलकाता | ₹939.00 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,202.00 (+₹994.00) |
| चेन्नई | ₹928.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,237.00 (+₹990.50) |
| बेंगलुरु | ₹915.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,152.00 (+₹991.00) |
| हैदराबाद | ₹965.00 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,315.00 (+₹994.00) |
| चंडीगढ़ | ₹922.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,092.50 (+₹993.00) |
| जयपुर | ₹916.50 (कोई बदलाव नहीं) | ₹3,099.00 (+₹993.00) |
कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पहले से है भारी बढ़ोतरी का बोझ
भले ही घरेलू उपभोक्ताओं को इस महीने अतिरिक्त कीमत बढ़ोतरी से पूरी तरह राहत मिली हुई है, लेकिन रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल और छोटे उद्योगों का गणित पहले से गड़बड़ाया हुआ है। इस महीने की शुरुआत में ही तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय इनपुट लागतों का हवाला देते हुए 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में लगभग ₹100 की भारी बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद से कमर्शियल गैस के दाम रिकॉर्ड स्तरों पर स्थिर बने हुए हैं।
खुद नुकसान उठा रही हैं सरकारी तेल कंपनियां: रॉयटर्स रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) के विश्लेषकों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस समय देश के भीतर बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने और राजकोषीय सब्सिडी के भारी दबाव के बीच एक कड़ा संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है।
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कंपनियों पर बढ़ा दबाव: रिपोर्टों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में आए उछाल और वैश्विक माल ढुलाई (Freight Cost) लागत बढ़ने के कारण मई महीने में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों को घरेलू एलपीजी की बिक्री पर भारी कड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
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बिक्री घाटा बढ़ा: पश्चिम एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आए अवरोधों ने वैश्विक ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर दबाव काफी बढ़ा दिया है, लेकिन भारतीय बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कंपनियां इस घाटे का कुछ हिस्सा खुद वहन कर रही हैं।
कैसे तय होते हैं भारत में एलपीजी के दाम?
आमतौर पर भारत में एलपीजी सिलेंडर के दाम हर महीने की पहली तारीख को संशोधित या बदले जाते हैं। इन कीमतों का निर्धारण मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की एक्सचेंज स्थिति, वैश्विक मालभाड़ा और सरकार की वर्तमान सब्सिडी नीति जैसे कड़े कारकों पर निर्भर करता है। चूंकि घरेलू रसोई गैस सीधे तौर पर आम आदमी के घर के बजट और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती है, इसलिए सरकारें इसके दामों को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील रुख अपनाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट लंबे समय तक ऐसे ही खिंचता रहा, तो आगे चलकर घरेलू ईंधन की कीमतों में भी कुछ आंशिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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