नीट का पेपर लीक नहीं हुआ, संसदीय समिति के सामने NTA का बड़ा दावा,अब परीक्षा में अटेम्प्ट और उम्र की सीमा तय

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) को लेकर चल रहे देशव्यापी विवाद और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Committee) के सामने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के शीर्ष अधिकारियों ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने एनटीए के चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह पेश हुए। बैठक के दौरान जब सांसदों ने तीखे सवाल पूछे, तो एनटीए ने कथित तौर पर एक ऐसा दावा किया जिसने सबको चौंका दिया। एजेंसी के मुताबिक, नीट का पेपर आधिकारिक तौर पर लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा से पहले सिर्फ कुछ सवाल सर्कुलेट हो रहे थे।

“पेपर लीक नहीं हुआ, बस सवाल मैच कर गए” — NTA की सफाई

संसदीय समिति के सामने एनटीए ने सीधे तौर पर ‘पेपर लीक’ शब्द को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

  • NTA का तर्क: एजेंसी ने कमेटी को बताया कि उनके आंतरिक सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। असल में, परीक्षा से पहले एक “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न पत्र) सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर सर्कुलेट हो रहा था, जिसके कम से कम 120 प्रश्न 3 मई को हुई वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से हूबहू मैच कर गए

  • विपक्ष का पलटवार: एनटीए के इस अजीबोगरीब तर्क पर समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सांसदों ने सवाल किया कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ था, तो फिर 22 लाख से अधिक छात्रों को प्रभावित करने वाली इस परीक्षा को रद्द (Cancel) करने की नौबत क्यों आई? और दोबारा परीक्षा कराने की क्या जरूरत थी?

  • एजेंसी का जवाब: इसके जवाब में एनटीए के अधिकारियों ने कहा कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को ध्यान में रखते हुए और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था। फिलहाल, इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सीबीआई जांच कर रही है।

भाजपा सांसदों का विरोध: बैठक के दौरान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों ने भी ‘पेपर लीक’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बैठक के आधिकारिक एजेंडा दस्तावेजों में भी इस वाक्यांश (Phrase) का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

NEET UG में बड़े बदलावों की तैयारी: लगेंगे ये 4 नए नियम

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एनटीए ने संसदीय समिति को आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर सुधारों का अगला चरण लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श से नीट परीक्षा में निम्नलिखित दूरगामी बदलाव किए जाएंगे:

  1. प्रयासों की संख्या सीमित होगी (Attempt Limit): अब उम्मीदवार जीवन में सीमित बार ही नीट की परीक्षा दे सकेंगे।

  2. ऊपरी आयु सीमा तय होगी (Age Limit): परीक्षा में बैठने के लिए एक मैक्सिमम एज लिमिट निर्धारित की जाएगी।

  3. सीबीटी मोड (CBT Mode): परीक्षा को पेन-एंड-पेपर (ऑफलाइन) मोड से हटाकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (ऑनलाइन) मोड में शिफ्ट किया जा सकता है।

  4. मल्टी सेशन और मल्टी स्टेज एग्जाम: परीक्षा को कई चरणों और पालियों में आयोजित किया जा सकता है, ताकि पेपर की गोपनीयता बनी रहे।

वर्तमान नियम क्या है? फिलहाल नीट यूजी परीक्षा साल में एक बार ऑफलाइन मोड में होती है। इसके लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष है, लेकिन अधिकतम उम्र सीमा या प्रयासों की संख्या (Number of Attempts) पर कोई पाबंदी नहीं है।

नीट केस टाइमलाइन: कब क्या हुआ?

  • 3 मई 2026: देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए।

  • 7 मई 2026: एनटीए को परीक्षा में कथित कदाचार और गड़बड़ियों के कुछ इनपुट (सुराग) मिले।

  • 8 मई 2026: एनटीए ने इन इनपुट्स को जांच के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया।

  • 12 मई 2026: शुरुआती जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया और मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया।

  • 21 जून 2026: रद्द हो चुकी नीट परीक्षा की पुनर्परीक्षा (Re-Exam) अब 21 जून को आयोजित की जाएगी।

मामले में अब तक 10 लोग गिरफ्तार

सीबीआई और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में अब तक 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें लातूर के एक नामी कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, पुणे के रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी और पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कुलकर्णी और मांधरे, दोनों ही एनटीए के नीट यूजी 2026 के एक्सपर्ट पैनल (Expert Panel) का हिस्सा रह चुके हैं।