
अगर आप भी आने वाले दिनों में बैंकॉक, फुकेत या पट्टाया की हसीन वादियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। थाईलैंड सरकार ने अपनी इमिग्रेशन और पर्यटन नीतियों में एक बहुत बड़ा और अचानक बदलाव किया है। सरकार ने भारत समेत दुनिया के 93 देशों के लिए दी जाने वाली 60 दिनों की फ्री-वीजा (Visa-Free) एंट्री की सुविधा को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
इस नए फैसले का सीधा और बड़ा असर थाईलैंड जाने वाले लाखों भारतीय पर्यटकों पर पड़ने वाला है। अब नए नियमों के तहत बिना वीजा के थाईलैंड में रुकने की समय-सीमा को घटाकर आधा कर दिया गया है।
क्या है थाईलैंड सरकार का नया नियम?
जुलाई 2024 में थाईलैंड सरकार ने कोविड-19 महामारी के बाद सुस्त पड़े अपने पर्यटन उद्योग को रफ्तार देने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव खेला था। तब भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों सहित 93 देशों के पर्यटकों के लिए बिना वीजा रुकने (Staging Limit) की अवधि को 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दिया गया था।
लेकिन अब थाईलैंड की कैबिनेट ने इस रियायत वाले फैसले को पलट दिया है:
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अब इन 93 देशों के पर्यटकों को थाईलैंड पहुंचने (Arrival) पर एक बार फिर से केवल 30 दिन का ही वीजा-फ्री स्टे मिलेगा।
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कुछ विशेष देशों के नागरिकों के लिए तो इस सीमा को और कम करके महज 15 दिन कर दिया गया है।
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यह नया नियम थाईलैंड के आधिकारिक ‘रॉयल गजट’ में प्रकाशित होते ही पूरी तरह लागू हो जाएगा।
थाईलैंड के पर्यटन मंत्री सुरसाक फानचारोएनवोराकुल ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है:
“अब अधिकांश विदेशी नागरिकों को केवल 30 दिन की ही एंट्री मिलेगी। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में इमिग्रेशन ऑफिस जाकर इसे एक बार रिन्यू (Extend) जरूर कराया जा सकेगा, लेकिन अब यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक नहीं होगी। अधिकारी आपके रुकने की वजह और दस्तावेजों से संतुष्ट होने के बाद ही स्टे बढ़ाएंगे।”
नियम बदलने की असली वजह: सुरक्षा और बढ़ता अंतरराष्ट्रीय अपराध
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की एक गोपनीय रिपोर्ट के बाद सरकार को यह कड़ा और बड़ा कदम उठाना पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, 60 दिनों की लंबी छूट का सबसे ज्यादा दुरुपयोग अपराधियों द्वारा किया जा रहा था:
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क्राइम नेटवर्क की सक्रियता: लंबी अवधि तक बिना किसी सख्त जांच और वीजा के रहने की सुविधा का फायदा उठाकर कई ‘ट्रांसनेशनल क्राइम नेटवर्क’ (अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह) थाईलैंड की धरती पर एक्टिव हो गए थे।
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अवैध धंधे और गिरफ्तारियां: थाईलैंड पुलिस ने हाल के महीनों में कई ऐसे विदेशी नागरिकों को दबोचा है जो ‘टूरिस्ट’ बनकर आए थे, लेकिन ड्रग्स की तस्करी, मानव तस्करी और बिना उचित लाइसेंस के अवैध रूप से होटल, रेस्तरां या स्कूल चलाने जैसे गैरकानूनी कारोबार में लिप्त थे।
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टूरिस्ट रडार का दुरुपयोग: सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि शातिर अपराधी पुलिस की नजरों से बचने के लिए ‘पर्यटक’ का चोला ओढ़कर 60 दिनों तक वहां छिप रहे थे। इसी वजह से इमिग्रेशन स्क्रीनिंग को दोबारा सख्त करने का फैसला लिया गया।
भारतीय पर्यटकों और ट्रैवल प्लान पर कैसे पड़ेगा असर?
भारतीयों के लिए थाईलैंड हमेशा से सबसे पसंदीदा और बजट-फ्रेंडली इंटरनेशनल डेस्टिनेशन रहा है। सरकार के इस झटके का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो लंबी ट्रिप प्लान कर रहे थे:
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लंबी यात्राओं के लिए अब वीजा अनिवार्य: जो भारतीय पर्यटक थाईलैंड में भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग (Destination Wedding), लंबे समर वेकेशन या किसी बड़े बिजनेस कॉन्फ्रेंस के लिए जा रहे हैं और जिनका प्लान 30 दिन से अधिक रुकने का है, उन्हें अब भारत से रवाना होने से पहले ही ई-वीजा (e-Visa) के लिए अप्लाई करना होगा।
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फ्लाइट्स और होटल बुकिंग में बदलाव की आफत: जिन यात्रियों ने पहले से ही 30 दिन से ज्यादा का टूर प्लान करके रिटर्न फ्लाइट्स बुक कर ली थीं, उन्हें अब भारी जुर्माना देकर अपनी टिकटों की तारीखें बदलवानी पड़ेंगी।
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ट्रैवल एजेंसियों का नया पैंतरा: इस नियम से निपटने के लिए ट्रैवल ऑपरेटरों ने अब ‘क्रॉस-बॉर्डर’ पैकेज बनाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत पर्यटकों को थाईलैंड के साथ वियतनाम, मलेशिया या सिंगापुर की छोटी ट्रिप पर भेज दिया जाएगा। ऐसा करने से जब पर्यटक दोबारा थाईलैंड की सीमा में एंट्री करेंगे, तो उनका 30 दिन का फ्री-वीजा टाइमर फिर से रीसेट (शुरू) हो जाएगा।
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