CJI की एक टिप्पणी और सोशल मीडिया पर विस्फोट, भारत में क्यों बैन हुआ Cockroach Janta Party का X अकाउंट?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब नाम की ‘पार्टी’ ने राजनीतिक दिग्गजों की नींद उड़ा रखी है। नाम है  ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ (CJP)। सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत की एक तीखी टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई इस ‘पार्टी’ ने डिजिटल दुनिया में ऐसा तूफान मचाया कि इसने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस जैसी स्थापित पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया। लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा यू-टर्न आया है। भारत सरकार ने ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ के ऑफिशियल एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल को देश में पूरी तरह प्रतिबंधित यानी ब्लॉक कर दिया है। हालांकि, इस पाबंदी के कुछ ही घंटों बाद एक नया अकाउंट एक्टिव हो गया, जिसने आते ही लिख दिया “कॉक्रोच कभी मरते नहीं हैं!” आइए जानते हैं कि आखिर रातों-रात ऐसा क्या हुआ कि सरकार को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।

खुफिया एजेंसी IB का इनपुट और IT Act की धारा 69(A) का एक्शन

‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ के एक्स हैंडल को अचानक ब्लॉक किए जाने के पीछे देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का एक गोपनीय इनपुट है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को आईबी ने सरकार को कुछ बेहद संवेदनशील इनपुट्स सौंपे थे। इनपुट्स में आगाह किया गया था कि इस सोशल मीडिया हैंडल से देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा पैदा हो सकता है।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को आईबी से स्पष्ट इनपुट मिला था कि इस अकाउंट के जरिए लगातार भड़काऊ सामग्री (Provocative Content) पोस्ट की जा रही है। इसके बाद मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT Act) 2000 की धारा 69 (A) के तहत इस अकाउंट को भारत में तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया। आपको बता दें कि देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा को खतरा होने की स्थिति में सरकार इस धारा के तहत किसी भी डिजिटल कंटेंट या अकाउंट पर रोक लगा सकती है।

भारत में लगा बैन लेकिन विदेशों में बढ़े ‘फॉलोअर्स’, नया अकाउंट भी तैयार

भले ही भारत में ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ का पुराना एक्स हैंडल अब दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन इंटरनेट की दुनिया में इसे रोकने की कोशिशें पूरी तरह कामयाब होती नहीं दिख रही हैं। दूसरे देशों में यह हैंडल अभी भी पूरी तरह एक्टिव है और वहां से इसके स्क्रीनशॉट लगातार भारतीय यूजर्स द्वारा शेयर किए जा रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि जब इस अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश आया था, तब इसके करीब 90 हजार फॉलोअर्स थे, लेकिन बैन की खबर फैलते ही दूसरे देशों में इसके फॉलोअर्स का आंकड़ा 2 लाख को पार कर गया। इतना ही नहीं, भारत में मुख्य अकाउंट ब्लॉक होने के कुछ ही घंटों के भीतर CJP का एक और नया बैकअप अकाउंट तैयार हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इंस्टाग्राम पर 1.8 करोड़ फॉलोअर्स, बीजेपी-कांग्रेस को भी पछाड़ा!

एक्स (ट्विटर) पर भले ही सरकार ने कैंची चला दी हो, लेकिन इंस्टाग्राम पर इस ‘पार्टी’ का दबदबा किसी चमत्कार से कम नहीं है। इंस्टाग्राम पर ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ के फॉलोअर्स की संख्या 1.8 करोड़ (18 मिलियन) से ज्यादा हो चुकी है। इस आंकड़े ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है क्योंकि यह संख्या देश की कई बड़ी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के आधिकारिक फॉलोअर्स से भी कहीं अधिक है। हालांकि, गलियारों में चर्चा तेज है कि एक्स के बाद अब जल्द ही इसके इंस्टाग्राम अकाउंट को भी भारत में प्रतिबंधित किया जा सकता है।

कौन हैं इसके फाउंडर अभिजीत दिपके और क्या है पूरा विवाद?

अब सवाल उठता है कि आखिर इस ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ की शुरुआत किसने और क्यों की? इस अनोखे डिजिटल मूवमेंट को शुरू करने वाले शख्स का नाम अभिजीत दिपके है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। अभिजीत ने दावा किया है कि वह इस समय अमेरिका के बोस्टन में हैं और वहीं से इसे ऑपरेट कर रहे हैं।

इस पूरे विवाद की जड़ सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी है। दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने बेरोजगार युवाओं और कुछ एक्टिविस्ट्स की तुलना ‘कॉक्रोच’ (तिलचट्टों) से कर दी थी। सीजेआई ने कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही उनका कोई तय पेशा होता है। ऐसे लोग या तो मीडिया के क्षेत्र में चले जाते हैं या सोशल मीडिया एक्टिविस्ट बन जाते हैं, और कुछ आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता बन जाते हैं।

“क्या सरकार के खिलाफ आवाज उठाना गलत है?”

सीजेआई की इसी टिप्पणी को युवाओं ने अपने आत्मसम्मान पर चोट माना और इसके विरोध स्वरूप अभिजीत दिपके ने ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ नाम से एक सिम्बॉलिक और सटायर (व्यंग्य) पेज की शुरुआत कर दी। बैन के बाद फाउंडर अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ युवाओं और आम लोगों को आवाज उठानी ही होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस व्यंग्य और विरोध में सरकार को ऐसा क्या गलत दिख गया कि सीधे बैन करने का फैसला ले लिया गया?

गौरतलब है कि जब सीजेआई सूर्यकांत की इस टिप्पणी पर देशव्यापी तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगी थीं, तब सीजेआई ने इस पर सफाई भी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी यह टिप्पणी सभी युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन्होंने यह बात केवल ‘फर्जी डिग्रीधारकों’ और ब्लैकमेलिंग करने वाले तत्वों के संदर्भ में कही थी। बहरहाल, डिजिटल स्पेस में सरकार की इस कार्रवाई के बाद अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।