यूपी में 48°C पारे का महा-टॉर्चर: हमीरपुर में पेड़ से तड़पकर गिरा बेजुबान चमगादड़, वकीलों ने बचाई जान

उत्तर प्रदेश में इन दिनों आसमान से बरस रही आग अब सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों और वन्यजीवों के लिए भी साक्षात काल बन चुकी है। बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले से सामने आए एक बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाले वीडियो ने सोशल मीडिया पर सबको हैरान कर दिया है। यहां 46.2 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड तोड़ प्रचंड गर्मी और झुलसाने वाली हीटवेव के बीच एक मासूम चमगादड़ पेड़ से सीधे तपती सड़क पर आ गिरा। इस बेजुबान जीव का हाल देखकर किसी का भी कलेजा कांप उठेगा। यह घटना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि इस बार की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी हमारे पर्यावरण और बेजुबान जीवों के लिए कितनी ज्यादा जानलेवा साबित हो रही है।

हमीरपुर कोर्ट परिसर में जब तड़पने लगा मासूम जीव

गुरुवार को उत्तर प्रदेश का पूरा बुंदेलखंड इलाका और हमीरपुर जिला किसी भट्टी की तरह सुलग रहा था। इसी भीषण तपन के बीच हमीरपुर जिला कोर्ट परिसर के भीतर एक बेहद संवेदनशील नजारा देखने को मिला। दोपहर के समय आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के थपेड़ों को एक बेजुबान चमगादड़ सहन नहीं कर पाया। वह गर्मी और पानी की भयंकर कमी (डिहाइड्रेशन) से इस कदर बेहाल हुआ कि सीधे पेड़ से नीचे गर्म कंक्रीट के फर्श पर आ गिरा और जिंदगी व मौत के बीच तड़पने लगा।

वकीलों और फरियादियों ने पेश की इंसानियत की मिसाल

चमगादड़ को जमीन पर इस तरह तड़पता देख कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और दूर-दूर से आए फरियादियों का दिल पसीज गया। लोगों ने बिना समय गंवाए तुरंत इंसानियत दिखाई और उस बेजुबान के चारों तरफ इकट्ठा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एडवोकेट्स और आम लोग मिलकर उस तड़पते हुए चमगादड़ पर अपनी पानी की बोतलों से ठंडा पानी छिड़क रहे हैं और उसे ड्रॉप-ड्रॉप करके पानी पिलाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने न सिर्फ चमगादड़ पर पानी डाला, बल्कि उसके आस-पास की तपती हुई कंक्रीट की सड़क को भी पानी डालकर ठंडा किया ताकि उस बेजुबान को थोड़ी राहत मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके।

बांदा 48.2°C के साथ सबसे गर्म, यूपी के प्रमुख शहरों का हाल

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में पारा 40 से 48 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। बुंदेलखंड का ही बांदा जिला 48 डिग्री सेल्सियस (पिछले दिनों 48.2°C) अधिकतम तापमान के साथ एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी गर्मी का हाहाकार जारी है:

  • प्रयागराज: 46.4°C

  • हमीरपुर: 46.2°C

  • झांसी: 45.9°C

  • आगरा: 45.3°C

  • उरई: 45.2°C

  • कानपुर: 44.6°C

  • मेरठ: 44.0°C

इसके अलावा वाराणसी, अलीगढ़, सुल्तानपुर और हरदोई जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी पारा लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है।

मौसम विभाग का नया अलर्ट: अगले 7 दिनों तक जारी रहेगा महाटॉर्चर

अगर आपको लग रहा है कि इस जानलेवा गर्मी से बहुत जल्द राहत मिलने वाली है, तो मौसम विभाग के ताजा आंकड़े आपको डरा सकते हैं। आईएमडी (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के ज़्यादातर हिस्सों में लू की यही आक्रामक स्थिति बनी रहेगी। तापमान कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं हैं।

  • रेड अलर्ट (Red Alert): मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों के लिए अगले 3 दिनों का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जहां हवाएं लू नहीं बल्कि आग के गोले जैसी महसूस होंगी।

  • ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए अगले 6 से 7 दिनों तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी रहेगा। यानी अगले एक हफ्ते तक इस भीषण उमस और झुलसाने वाली लू से कोई निजात नहीं मिलने वाली है।

हमीरपुर कोर्ट परिसर की इस दुखद घटना ने पर्यावरणविदों, पशु प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि तेजी से कटते जंगल, प्राकृतिक जलस्रोतों (नदियों-पोखरों) का सूखना और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के कारण आसमान में उड़ने वाले पक्षी और पेड़ों पर रहने वाले छोटे जीव डिहाइड्रेशन का शिकार होकर लगातार दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी छतों और आंगनों में बेजुबान पक्षियों के लिए पानी के सकोरे (बर्तन) जरूर रखें।