News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की रफ्तार को पंख देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) न केवल सफर की दूरी को कम कर रहा है, बल्कि यह राज्य के पर्यटन मानचित्र पर एक बड़ी क्रांति लाने के लिए भी तैयार है। 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे यूपी के ‘आध्यात्मिक’ (Spiritual) और ‘ईको-टूरिज्म’ (Eco-tourism) स्थलों के लिए एक मजबूत सेतु का काम करेगा, जिससे देसी और विदेशी पर्यटकों की आमद में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
पर्यटन के प्रमुख केंद्र: एक्सप्रेसवे के जरिए होगी आसान पहुंच
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के उन महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक केंद्रों को जोड़ रहा है, जो अब तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के अभाव में पर्यटकों की पहुंच से दूर थे।
1. आध्यात्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism)
प्रयागराज (Prayagraj): एक्सप्रेसवे का पूर्वी छोर संगम नगरी को सीधे पश्चिमी यूपी से जोड़ेगा, जिससे कुंभ और माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा।
मेरठ और हस्तिनापुर (Meerut & Hastinapur): महाभारत काल की ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर के धार्मिक स्थलों तक पहुंच अब मिनटों का खेल होगी।
वाराणसी कनेक्टिविटी: हालांकि एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक है, लेकिन वहां से वाराणसी की दूरी कम होने के कारण ‘काशी-विश्वनाथ’ जाने वाले यात्री भी इसका लाभ उठाएंगे।
2. ईको-टूरिज्म और प्रकृति (Eco-Tourism)
गंगा के किनारे की वेटलैंड्स: एक्सप्रेसवे गंगा नदी के समानांतर चलता है, जिससे इसके आसपास के जल क्षेत्रों और वेटलैंड्स में ‘बर्ड वॉचिंग’ और प्रकृति प्रेमियों के लिए नए केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
वन क्षेत्र: बदायूं, हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों के पास मौजूद छोटे वन क्षेत्रों और वन्यजीव उद्यानों को विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सुविधाएं
राज्य सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि एक पूरा पर्यटन इकोसिस्टम तैयार कर रही है:
वे-साइड एमेनिटीज (Way-side Amenities): एक्सप्रेसवे पर हर 50-60 किमी पर फूड कोर्ट, मोटल और हस्तशिल्प (Handicraft) की दुकानें होंगी, जहां यूपी के ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के दर्शन होंगे।
टूरिस्ट सर्किट का विकास: गंगा एक्सप्रेसवे को ब्रज सर्किट और बुंदेलखंड सर्किट के साथ जोड़ने की योजना है, जिससे एक ही ट्रिप में कई पर्यटन स्थलों का दौरा संभव हो सके।
होटल और इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे के प्रवेश और निकास द्वारों (Interchanges) के पास प्राइवेट होटल चेन और रिसॉर्ट्स विकसित करने के लिए जमीन आवंटित की जा रही है।
आर्थिक प्रभाव: रोजगार के नए अवसर
पर्यटन में इस उछाल का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा:
स्थानीय गाइड और टैक्सी सेवाएं: नए पर्यटन केंद्रों के विकास से हजारों युवाओं को गाइड और परिवहन सेवा के रूप में रोजगार मिलेगा।
होमस्टे योजना: एक्सप्रेसवे के पास के गांवों में ‘होमस्टे’ (Homestays) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
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