उत्तराखंड की सियासत में ‘हरदा’ की हुंकार: महिला आरक्षण पर बीजेपी को घेरा

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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। काशीपुर पहुंचे ‘हरदा’ ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के नाम पर केवल राजनीतिक प्रपंच रचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को उनका हक देने के बजाय तकनीकी पेच फंसाकर समय काट रही है।

आरक्षण में देरी के पीछे बीजेपी की बड़ी साजिश?

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि महिला आरक्षण विधेयक साल 2023 में ही कांग्रेस समेत सभी दलों की सहमति से पारित हो चुका था। लेकिन भाजपा सरकार ने इसमें परिसीमन और जनसंख्या का मुद्दा जोड़कर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। रावत ने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा की मंशा साफ होती, तो वह इन शर्तों को जोड़ने के बजाय तत्काल प्रभाव से इसे लागू कर सकती थी।

543 सीटों पर सीधा फॉर्मूला क्यों नहीं?

हरीश रावत ने एक बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती, तो संसद की वर्तमान 543 सीटों में से सीधे एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती थीं। उन्होंने कहा, “परिसीमन का इंतजार करना यह दर्शाता है कि भाजपा केवल श्रेय लेना चाहती है, काम नहीं करना चाहती।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्यों की आपत्तियों का सही समाधान हो, तो कांग्रेस परिसीमन के मुद्दे पर भी सहयोग के लिए तैयार है।

उत्तराखंड की जनता पहचान चुकी है असली चेहरा

भाजपा पर चुनावी प्रपंच रचने का आरोप लगाते हुए रावत ने कहा कि अब जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देवभूमि की जनता भाजपा का ‘असली चेहरा’ पहचान चुकी है। काशीपुर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरदेव सिंह हैरी के आवास पर कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्होंने आने वाले समय में कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान भी किया।