Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज ने सबको हैरान कर दिया है। अप्रैल के आखिरी दिन जहां लोग चिलचिलाती गर्मी की आहट महसूस कर रहे थे, वहीं आज बादलों ने ऐसी करवट ली कि देवभूमि के कई इलाके शीतलहर की चपेट में आ गए। राजधानी देहरादून और ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी में झमाझम बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने पारे को तेजी से नीचे गिरा दिया है।
मसूरी में मूसलाधार आफत: सफेद चादर में लिपटी पहाड़ियां
पर्यटन नगरी मसूरी में गुरुवार सुबह की शुरुआत खिली हुई धूप के साथ हुई थी, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत का नजारा पूरी तरह बदल गया। दोपहर करीब 2 बजे आसमान में काली घटाएं घिरीं और देखते ही देखते भारी ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलों की बौछार इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में सड़कें और पहाड़ियां बर्फ जैसी सफेद चादर से ढक गईं। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़क गया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मजबूरन अप्रैल में भी भारी जैकेट और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
देहरादून में काली घटाओं का पहरा, दिन में जलानी पड़ी लाइटें
राजधानी देहरादून में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला। दोपहर के समय अचानक काले बादलों ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया, जिससे शहर में शाम जैसा अंधेरा छा गया। तेज गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बारिश के कारण दून का अधिकतम तापमान काफी गिर गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
चारधाम रूट पर भी मौसम सख्त: बदरीनाथ और टिहरी में बारिश
सिर्फ दून-मसूरी ही नहीं, बल्कि बदरीनाथ धाम, नई टिहरी और पौड़ी जिले में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। दोपहर बाद से इन इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को भी बदलते मौसम के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडक काफी बढ़ गई है, जिससे यात्रा मार्गों पर आवाजाही थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 48 घंटे रहें सावधान
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम का यह मिजाज बरकरार रह सकता है। विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
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