बदरीनाथ धाम में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़: कपाट खुलने के बाद 69 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

img

Prabhat Vaibhav, Digital Desk : भू-वैकुंठ के नाम से प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक मात्र कुछ ही दिनों के भीतर 69,044 तीर्थयात्रियों ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर लिया है।

सोमवार को टूटा रिकॉर्ड, एक दिन में पहुंचे 16 हजार भक्त

यात्रा के शुरुआती दौर में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों को उत्साहित कर दिया है। सोमवार को अकेले एक दिन में 16,819 श्रद्धालुओं ने बदरी विशाल के दरबार में हाजिरी लगाई। बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर गूंजते ‘जय बदरी विशाल’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कपाट खुलने के बाद से हर बीतते दिन के साथ यात्रियों की आमद में इजाफा हो रहा है।

माणा गांव और यात्रा पड़ावों पर लौटी रौनक

श्रद्धालुओं की इस भारी संख्या का सीधा सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। चमोली के प्रवेश द्वार गौचर से लेकर बदरीनाथ धाम तक के सभी यात्रा पड़ाव यात्रियों की चहल-पहल से गुलजार हैं।

होटल और होमस्टे: धाम में होटल कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि अधिकांश लॉज और होटल फुल चल रहे हैं।

प्रथम गांव माणा: देश के प्रथम गांव माणा में भी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जिससे वहां के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बेचने वाले छोटे व्यापारियों को अच्छी कमाई की उम्मीद है।

छह महीने तक चलेगी आध्यात्मिक यात्रा

विदित हो कि शीतकाल के बाद 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए छह महीने के लिए खोले गए थे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। तीर्थयात्रियों के ठहरने, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुगम दर्शन के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं ताकि हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।