
वाराणसी। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने का लक्ष्य पहले ही पूरा हो सकता था, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पार्टी की वजह से यह सपना अधूरा रह गया।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को देश के विकास का आधार बताते हुए कहा कि बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिला है और इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।
आरक्षण बिल पर विपक्ष पर निशाना
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्षों तक यह बिल राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण अटका रहा। अगर पहले की सरकारें गंभीर होतीं तो आज स्थिति अलग होती। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
काशी से चुनावी संदेश
वाराणसी से दिए गए इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने यहां से महिलाओं को साधने की कोशिश करते हुए संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में महिला वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए लगातार काम करती रहेगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया की संभावना
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। सपा और कांग्रेस पहले भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते रहे हैं, ऐसे में यह बयान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
काशी में दिए गए इस भाषण ने आगामी चुनावों के लिए माहौल को और गर्म कर दिया है। महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी से साफ है कि आने वाले दिनों में यह विषय राजनीतिक केंद्र में रहने वाला है।
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