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8th Pay Commission: लेवल-2 के स्टेज 40 पर कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी, 30.80% की छलांग के साथ ग्रॉस सैलरी ₹1.57 लाख पार

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। वेतन आयोग लागू होने के बाद सबसे निचले पे-बैंड के शीर्ष पायदान पर तैनात कर्मचारियों की सैलरी में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलता है। 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के तहत लेवल-2 (ग्रेड पे 1900) में कुल 40 स्टेज निर्धारित हैं। वर्तमान में 40वें स्टेज यानी अधिकतम बेसिक पे पर काम कर रहे कर्मचारियों का मूल वेतन ₹63,200 है।

सैलरी कैलकुलेटर के अनुमानों और फिटमेंट फैक्टर के संभावित फॉर्मूले के अनुसार, लेवल-2 के स्टेज 40 पर कार्यरत कर्मचारियों की कुल ग्रॉस सैलरी में लगभग 30.80% की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसके लागू होने के बाद बेसिक पे, संशोधित महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) को जोड़कर मासिक ग्रॉस सैलरी ₹1,57,162 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जो लंबे समय से सेवा में रहकर अपने ग्रेड के अंतिम वेतनमान पर पहुंच चुके हैं।

केंद्रीय वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) होता है। 7वें वेतन आयोग के दौरान 2.57 का सामान्य फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुई थी। 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों द्वारा 2.86 से लेकर 3.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है, जबकि वित्तीय विशेषज्ञों का अनुमानित मॉडल लगभग 1.92 से 2.15 के प्रभावी कारक पर केंद्रित है।

जब नया वेतन आयोग प्रभावी होता है, तो तत्कालीन 50% या उससे अधिक हो चुके डीए को शून्य कर दिया जाता है और उसी अनुपात में बेसिक पे को रिवाइज किया जाता है। लेवल-2 के स्टेज 40 पर वर्तमान ₹63,200 की बेसिक पे को नए फॉर्मूले के तहत अपग्रेड करने पर नई बेसिक सैलरी लगभग ₹1.21 लाख से ₹1.26 लाख के दायरे में स्थापित होती है। यही बढ़ा हुआ बेसिक पे बाकी सभी केंद्रीय भत्तों के नए सिरे से आकलन का आधार बनता है।

मासिक वेतन में बेसिक पे के अतिरिक्त तीन सबसे बड़े घटक होते हैं: महंगाई भत्ता (Dearness Allowance), हाउस रेंट अलाउंस (House Rent Allowance) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (Transport Allowance)। 8वें वेतन आयोग की शुरुआत में डीए की दर शून्य से शुरू होकर धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन संशोधित बेसिक पे अधिक होने के कारण भत्तों की शुद्ध राशि काफी अधिक हो जाती है।

एक्स-क्लास (X Category) महानगरों के 30% HRA स्लैब और उच्च दर वाले ट्रांसपोर्ट अलाउंस के साथ जब नए बेसिक पे को जोड़ा जाता है, तो गणना इस प्रकार बैठती है। यदि संशोधित बेसिक पे ₹1,21,000 के आसपास सेट होती है, तो 27% से 30% HRA का हिस्सा ₹32,000 से ₹36,000 तक पहुंच जाता है। इसके साथ ₹3,600 से ₹4,500 का टीए और अन्य लाभ जुड़ने के बाद कुल मासिक सकल आय ₹1,57,162 के स्तर पर पहुंचती है। 7वें वेतन आयोग के तहत इसी स्टेज की मौजूदा ग्रॉस सैलरी (लगभग ₹1.20 लाख) की तुलना में यह 30.80% की प्रभावी शुद्ध वृद्धि दर्शाती है।

पे-मैट्रिक्स का लेवल-2 मुख्य रूप से लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (JSA), कांस्टेबल और समकक्ष पदों का प्रतिनिधित्व करता है। स्टेज 40 पर पहुंचने का अर्थ है कि संबंधित कर्मचारी ने बिना किसी पदोन्नति (MACP लाभ को छोड़कर) के इस स्तर पर 39 वार्षिक वेतन वृद्धियां (Increments) पूरी कर ली हैं। ऐसे वरिष्ठ कर्मियों के लिए बेसिक पे का यह रिवीजन सीधे तौर पर उनकी भविष्य की पेंशन और ग्रेच्युटी को सुरक्षित करता है।

नया वेतन आयोग लागू होने से न केवल मासिक टेक-होम सैलरी में इजाफा होगा, बल्कि उनके प्रोविडेंट फंड (GPF/NPS) में सरकार का योगदान भी अनुपात में बढ़ जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों के रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा, जो 7वें वेतन आयोग में ₹20 लाख से बढ़ाकर हाल ही में ₹25 लाख की गई थी, 8वें वेतन आयोग में और अधिक बढ़ सकती है। इससे स्टेज 40 पर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे कर्मियों को बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा।

आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल के अंतराल पर नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करती है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था, जिसके अनुसार 8वें वेतन आयोग के प्रावधानों को जनवरी 2026 से लागू किए जाने की परंपरा रही है। हालांकि आयोग के गठन, उसके विचारार्थ विषयों (Terms of Reference) के निर्धारण और हितधारकों से चर्चा के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में अमूमन 18 से 24 महीने का समय लगता है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा औपचारिक आयोग के गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद ही अंतिम फिटमेंट फैक्टर, पे-मैट्रिक्स स्ट्रक्चर और लागू होने की तारीख तय होगी। यदि सिफारिशें तय समय के बाद लागू होती हैं, तो कर्मचारियों को नियमानुसार पूरा एरियर (Arrears) प्रदान किया जाता है। ऐसे में लेवल-2 स्टेज 40 के कर्मचारियों के लिए ₹1,57,162 की ग्रॉस सैलरी का यह अनुमानित कैलकुलेटर आने वाले वेतन सुधारों की एक मजबूत और स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।