
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े और भव्य त्योहार दुर्गा पूजा के करीब आते ही कोलकाता के लिए हवाई यात्रा की मांग अप्रत्याशित स्तर पर पहुंच गई है। देश के प्रमुख महानगरों से कोलकाता आने वाली उड़ानों के किराए में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। एविएशन डेटा और 53 घरेलू हवाई मार्गों के विश्लेषण के मुताबिक, दुर्गा पूजा के मुख्य दिनों (विशेषकर महाषष्ठी के आसपास 16 अक्टूबर के लिए) कोलकाता पहुंचने वाली फ्लाइट्स का औसत किराया सामान्य दिनों की तुलना में 71% तक महंगा हो चुका है।
आमतौर पर हवाई यात्रा के नियमों के अनुसार जितने पहले टिकट बुक की जाए, किराया उतना ही सस्ता मिलता है। लेकिन कोलकाता जाने वाली उड़ानों पर एयरलाइंस का यह सामान्य नियम उलट साबित हो रहा है। तत्काल (Same-Day) या अगले हफ्ते की तुलना में पूजा के पीक दिनों का किराया कहीं ज्यादा दर्ज किया गया है। देश के अलग-अलग कोनों में रहने वाले प्रवासी बंगाली समुदाय और त्योहार में शामिल होने के इच्छुक सैलानियों की भारी भीड़ के चलते एयरलाइंस की डायनेमिक प्राइसिंग प्रणाली ने टिकट दरों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
कोलकाता आने वाली उड़ानों में सबसे ज्यादा महंगाई दक्षिण और पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों से देखी जा रही है। चेन्नई से कोलकाता के किराए में सर्वाधिक 94.9% तक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां सामान्य दिनों में लगभग ₹7,900 में मिलने वाला एकतरफा टिकट बढ़कर ₹15,500 के पार पहुंच गया है। यानी यात्रियों को केवल एक तरफ के सफर के लिए करीब ₹7,600 अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं।
आईटी हब बेंगलुरु से कोलकाता आने वाले यात्रियों की जेब पर भी सबसे बड़ा बोझ पड़ा है। बेंगलुरु-कोलकाता रूट पर किराया लगभग 76.5% उछलकर ₹16,900 के स्तर पर पहुंच चुका है, जो सामान्य दिनों में करीब ₹9,600 रहता था। इसके अलावा मुंबई से कोलकाता का किराया 78% बढ़कर लगभग ₹15,200 दर्ज किया गया है। हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट्स में भी 65% से अधिक का उछाल आया है और टिकट दरें ₹13,000 के आसपास पहुंच गई हैं। दिल्ली, पुणे और अहमदाबाद से आने वाले यात्रियों को भी ₹11,200 से ₹14,100 तक का भुगतान करना पड़ रहा है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इस भारी मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण ‘वन-वे डिमांड शॉक’ है। त्योहार से ठीक पहले लाखों लोग देश के विभिन्न शहरों से कोलकाता पहुंचना चाहते हैं, जबकि कोलकाता से बाहर जाने वाली उड़ानों में ऐसी कोई मारामारी नहीं है। उदाहरण के लिए, मुंबई से कोलकाता आने वाली फ्लाइट्स जहां 78% महंगी हुई हैं, वहीं कोलकाता से मुंबई जाने वाली उड़ानों के दाम में सिर्फ 5% की मामूली हलचल देखी गई है।
इसके अलावा एयरलाइंस की एल्गोरिदम-आधारित ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ प्रणाली जैसे ही किसी रूट पर तेजी से भरती हुई सीटों को देखती है, वह बाकी बची सीटों के दाम दोगुने या तिगुने कर देती है। विमानों की सीमित संख्या, इंजन मेंटेनेंस और पीक फेस्टिव सीजन के दौरान उड़ानों की क्षमता न बढ़ पाना भी इस दबाव को और तेज कर रहा है। जिन रूट्स पर दिन भर में 10 से अधिक उड़ानें हैं, वहां भी भारी मांग के चलते कीमतों में कोई नरमी देखने को नहीं मिल रही है।
यदि आप दुर्गा पूजा में कोलकाता जाने की योजना बना रहे हैं और हवाई किराए के भारी झटके से बचना चाहते हैं, तो यात्रा की तारीखों में थोड़ा लचीलापन (Flexibility) अपनाना सबसे कारगर साबित हो सकता है। यात्रा विशेषज्ञों का सुझाव है कि पीक दिनों (षष्ठी और सप्तमी) से दो से तीन दिन पहले या त्योहार की मुख्य तिथियों के बाद यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति ₹4,000 से ₹6,000 तक की सीधी बचत हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, कनेक्टिंग फ्लाइट्स या पास के हवाई अड्डों जैसे दुर्गापुर (Kazi Nazrul Islam Airport) के विकल्पों की पड़ताल भी की जा सकती है। कई एयरलाइंस और ट्रैवल पोर्टल्स द्वारा क्रेडिट कार्ड और बैंक ऑफर्स के तहत फ्लैट डिस्काउंट व कैशबैक दिए जा रहे हैं, जिनका उपयोग कर अंतिम बिल में कुछ राहत पाई जा सकती है। जो यात्री वापसी की योजना बना रहे हैं, उन्हें वापसी का टिकट तुरंत बुक करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि दशमी के बाद कोलकाता से बाहर जाने वाली फ्लाइट्स में भी इसी तरह का किराया उछाल देखने को मिल सकता है।
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