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Indian Railways Luggage Rules: ट्रेन में कितना सामान ले जाना है फ्री? 70 से 35 किलो तक की छूट, सीमा पार हुई तो लगेगा 6 गुना जुर्माना!

देशभर में रेल यात्रा के दौरान अक्सर यात्रियों को भारी-भरकम सूटकेस, बोरियां और बड़े बैग लेकर डिब्बों में सवार होते देखा जाता है। लखनऊ, नई दिल्ली, पटना, प्रयागराज या मुंबई जैसे व्यस्त स्टेशनों पर त्योहारों या शादियों के सीजन में यात्री अपनी सुविधा अनुसार जितना चाहें सामान ट्रेन में चढ़ा लेते हैं। हालांकि अधिकांश यात्रियों को यह जानकारी नहीं होती कि हवाई जहाज की तरह भारतीय रेलवे में भी प्रत्येक कोच और क्लास के अनुसार सामान ले जाने की एक सख्त और कानूनी सीमा निर्धारित है। रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक यात्री को टिकट की श्रेणी के आधार पर एक निश्चित वजन तक का सामान बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ले जाने की छूट मिलती है, जिसे ‘फ्री अलाउंस’ कहा जाता है। इस तय सीमा से अधिक सामान बिना अग्रिम बुकिंग के ले जाने पर रेलवे के वाणिज्यिक निरीक्षक और टीटीई यात्री पर भारी जुर्माना लगा सकते हैं।

रेलवे के नियमों के अनुसार उच्च श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को सामान ले जाने में सबसे अधिक छूट प्रदान की जाती है। यदि आपके पास एसी फर्स्ट क्लास (1st AC) या एग्जीक्यूटिव क्लास का कंफर्म टिकट है, तो प्रति यात्री 70 किलोग्राम तक का निजी सामान पूरी तरह मुफ्त यानी फ्री अलाउंस के रूप में ले जाया जा सकता है। इसके अलावा 15 किलो की अतिरिक्त मार्जिनल छूट भी मिलती है, यानी आप अधिकतम 150 किलो तक का सामान पार्सल कार्यालय से पूर्व निर्धारित दर पर बुक कराकर साथ रख सकते हैं। वहीं एसी 2-टियर (2nd AC) में यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए फ्री लगेज अलाउंस 50 किलोग्राम तय किया गया है। सेकंड एसी में यात्री अधिकतम 100 किलोग्राम तक का सामान पार्सल वैन या कोच में निर्धारित शुल्क चुकाकर ले जाने के हकदार होते हैं। यदि सामान इस मुफ्त सीमा के भीतर है, तो किसी भी प्रकार की जांच में अतिरिक्त पैसा नहीं देना होता।

मध्यम वर्ग के यात्रियों की सबसे पसंदीदा श्रेणियों यानी एसी 3-टियर (3rd AC) और एसी चेयर कार (CC) में सामान ले जाने की सीमा थोड़ी कम रखी गई है। इन दोनों श्रेणियों में प्रत्येक यात्री को अधिकतम 40 किलोग्राम तक का सामान बिना किसी शुल्क के ले जाने की अनुमति है। थर्ड एसी में अधिकतम 40 किलोग्राम का फ्री अलाउंस मिलता है और अतिरिक्त बुकिंग के साथ 40 किलो और यानी कुल 80 किलोग्राम तक ले जाया जा सकता है।

दूसरी ओर देश के सबसे ज्यादा यात्रियों वाले स्लीपर क्लास में भी फ्री लगेज अलाउंस 40 किलोग्राम ही निर्धारित है, जबकि अधिकतम सीमा 80 किलोग्राम तय है। सेकंड क्लास यानी सामान्य अनारक्षित (General Unreserved) डिब्बे में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह फ्री सीमा सबसे कम 35 किलोग्राम रखी गई है, जबकि वे अधिकतम 70 किलोग्राम तक का सामान बुक कराकर ले जा सकते हैं। बच्चों के हाफ टिकट पर भी उनकी उम्र और श्रेणी के अनुसार अनुपातिक रूप से आधी फ्री सीमा मान्य होती है।

वजन के साथ-साथ रेलवे ने कोच के भीतर रखे जाने वाले सूटकेस या ट्रंक के आकार यानी डाइमेंशन को लेकर भी कड़े मानक बनाए हैं। स्लीपर और एसी डिब्बों में सीट या बर्थ के नीचे रखे जाने वाले ट्रंक या सूटकेस की लंबाई 100 सेंटीमीटर, चौड़ाई 60 सेंटीमीटर और ऊंचाई 25 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि किसी बैग का आकार इस निर्धारित सीमा से बड़ा है, भले ही उसका वजन फ्री अलाउंस के भीतर हो, तो भी उसे यात्री डिब्बे के भीतर सीट के नीचे रखने की अनुमति नहीं होती। ऐसे भारी या बड़े आकार के सामान को अनिवार्य रूप से स्टेशन के पार्सल काउंटर पर जाकर ब्रेक वैन या लगेज बोगी में बुक कराना होता है। रास्ते में अन्य सह-यात्रियों के आवागमन को बाधित करने वाले सामान पर टीटीई तत्काल आपत्ति दर्ज कर सकता है।

यदि कोई यात्री अपनी तय फ्री अलाउंस सीमा से अधिक वजन का सामान लेकर बिना किसी रसीद या पार्सल बुकिंग के कोच में पकड़ा जाता है, तो रेलवे अधिनियम के तहत उस पर कड़ा आर्थिक दंड लगाया जाता है। यात्रा के दौरान जांच में अतिरिक्त वजन पाए जाने पर लागू लगेज स्केल दर का 6 गुना तक जुर्माना वसूला जा सकता है। यात्रियों को इस परेशानी से बचने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले स्टेशन के लगेज या पार्सल कार्यालय में जाकर अतिरिक्त वजन का मामूली शुल्क देकर लगेज टिकट बनवा लेना चाहिए।

इसके अलावा बारूद, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलेंडर, तेजाब, पटाखे, बदबूदार वस्तुएं और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हथियार ट्रेन के यात्री डिब्बे में ले जाना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसे खतरनाक सामान के साथ पकड़े जाने पर न केवल जुर्माना लगाया जाता है, बल्कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा गैर-जमानती धाराओं में कानूनी कार्रवाई और जेल का प्रावधान भी है।