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बिलासपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एलायंस एयर विमान का टायर फटा, सूझबूझ से बची 50 से अधिक यात्रियों की जान

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) पर शुक्रवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली और जबलपुर के रास्ते बिलासपुर आ रहे एलायंस एयर के 72-सीटर एटीआर-72 विमान का रनवे पर उतरते समय अचानक पिछला टायर फट गया। विमान में उस समय क्रू मेंबर्स समेत 50 से ज्यादा यात्री सवार थे। लैंडिंग के तुरंत बाद पहिया फटने से रनवे पर जोरदार घर्षण और झटका महसूस हुआ, जिससे विमान के अंदर बैठे मुसाफिरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मुख्य पायलट की त्वरित सूझबूझ और सटीक नियंत्रण तकनीक की बदौलत विमान रनवे की सीमा से बाहर नहीं गया और एक भीषण दुर्घटना होने से बच गई।

एयरपोर्ट सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, एलायंस एयर की फ्लाइट 9I-691 अपने निर्धारित समय पर बिलासपुर एयरस्ट्रिप पर लैंड करने की तैयारी में थी। मौसम सामान्य था और विमान की एप्रोच भी तय मानकों के अनुरूप चल रही थी। जैसे ही विमान के पिछले पहियों ने चकरभाठा रनवे के कंक्रीट ट्रैक को छुआ, अचानक एक तेज धमाके की आवाज आई और दाहिनी तरफ का मुख्य लैंडिंग गियर टायर फट गया। टायर के परखच्चे उड़ते ही विमान कुछ सेकंड के लिए असंतुलित होने लगा, लेकिन कॉकपिट में मौजूद अनुभवी पायलट ने बिना पैनिक किए इमरजेंसी थ्रस्ट और ब्रेक कंट्रोल का इस्तेमाल किया और विमान को रनवे के मध्य भाग में ही सुरक्षित रूप से रोक लिया।

विमान में सवार यात्रियों ने बताया कि टचडाउन के वक्त सामान्य झटके की जगह एक जोरदार कंपन महसूस हुआ और केबिन के अंदर हलचल मच गई। कई यात्रियों को लगा कि विमान रनवे से फिसलकर मिट्टी में धंस जाएगा। सीटबेल्ट बंधी होने के कारण किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। विमान के पूरी तरह रुकते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी, सीआईएसएफ (CISF) सुरक्षा बल और स्थानीय फायर फाइटिंग टीम तुरंत अलर्ट मोड में आ गई। आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत रनवे पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की गाड़ियां पहुंचाई गईं। इसके बाद ग्राउंड स्टाफ की मदद से सभी यात्रियों को एक-एक करके सीढ़ियों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया और टर्मिनल बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। किसी भी यात्री या केबिन क्रू के घायल होने की खबर नहीं है।

इस आकस्मिक घटना के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट पर रनवे को एहतियातन कुछ घंटों के लिए पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। टायर फटने से रनवे पर रबर के टुकड़े और मलबा बिखर गया था, जिसकी सफाई टेक्निकल टीम द्वारा गहनता से की गई। इसके अलावा क्षतिग्रस्त विमान रनवे पर ही खड़ा था, जिसे विशेष टो-ट्रक की सहायता से सुरक्षित एप्रन एरिया में ले जाया गया। इस तकनीकी खराबी के चलते बिलासपुर से प्रयागराज और दिल्ली जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स के शेड्यूल में फेरबदल करना पड़ा, जिससे अन्य यात्रियों को भी टर्मिनल पर इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रभावित यात्रियों के लिए जलपान और वैकल्पिक यात्रा प्रबंधों की व्यवस्था संभाली।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इस गंभीर तकनीकी विफलता का संज्ञान लिया है। डीजीसीए के सेफ्टी ऑडिटर्स की एक टीम विमान के लैंडिंग गियर, टायर की लाइफ साइकिल, प्रेशर रेटिंग और रनवे की सतह के फ्रिक्शन लेवल की विस्तृत जांच में जुट गई है। शुरुआती कयासों के मुताबिक टायर फटने का कारण अत्यधिक घर्षण, रबर की तकनीकी खराबी या रनवे पर किसी विदेशी वस्तु (FOD – फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्रिस) की मौजूदगी हो सकती है। विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि लैंडिंग स्पीड और एंगल का सटीक मूल्यांकन हो सके।

बिलासपुर का बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (UDAN) के तहत छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण एयर हब के रूप में काम कर रहा है। यहां एलायंस एयर नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रही है। इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दैनिक यात्रियों ने विमानों के नियमित मेंटेनेंस और फ्लीट की फिटनेस पर कड़े सवाल उठाए हैं। नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे क्षेत्रीय विमानों में लैंडिंग गियर असेंबली का रखरखाव उच्चतम मानकों पर होना अनिवार्य है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।