
चिकित्सा जगत से अक्सर ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आते हैं जो आम लोगों के साथ-साथ अनुभवी डॉक्टरों को भी हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के पेट का आकार पिछले कई महीनों से लगातार असामान्य रूप से बढ़ रहा था। पेट के बढ़े हुए उभार और बनावट को देखकर परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोग यही मान रहे थे कि महिला गर्भवती है और जल्द ही बच्चे को जन्म देने वाली है। हालांकि, जब पेट में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ और असहनीय दर्द के बाद महिला अस्पताल में चेकअप कराने पहुंची, तो डॉक्टरों द्वारा की गई अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी के होश उड़ा दिए।
गर्भावस्था नहीं, पेट में पल रहा था जानलेवा विशाल ट्यूमर
अस्पताल में जब गायनेकोलॉजिस्ट और सर्जन्स की टीम ने महिला की विस्तृत सोनोग्राफी और स्कैनिंग की, तो पता चला कि उसके गर्भाशय में कोई भ्रूण (Baby) नहीं, बल्कि अंडाशय (Ovary) में एक बेहद विशाल सिस्ट यानी ‘ओवेरियन ट्यूमर’ (Giant Ovarian Cyst) तेजी से बढ़ रहा था। यह सिस्ट इतना बड़ा हो चुका था कि उसने महिला के पेट के निचले हिस्से से लेकर पसलियों तक के पूरे पेट को घेर लिया था और आंतरिक अंगों जैसे आंतों, लिवर और मूत्राशय पर भारी दबाव डाल रहा था। इसी भारी दबाव के कारण महिला का पेट बिल्कुल 9 महीने की फुल-टर्म गर्भवती महिला की तरह फूला हुआ नजर आ रहा था।
जटिल सर्जरी के बाद निकाला गया कई किलो वजनी सिस्ट
महिला की जान को खतरे में देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष सर्जिकल टीम ने तुरंत आपातकालीन लेप्रोटोमी सर्जरी (Laparotomy Surgery) करने का फैसला किया। कई घंटों तक चले इस बेहद जटिल और नाजुक ऑपरेशन के दौरान सर्जन्स ने महिला के अन्य महत्वपूर्ण आंतरिक अंगों को सुरक्षित बचाते हुए पेट से कई लीटर तरल पदार्थ और लगभग 10 से 15 किलोग्राम वजनी विशालकाय सिस्ट को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति स्थिर बताई गई और डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते यह ऑपरेशन न किया जाता, तो सिस्ट के पेट के भीतर फटने (Rupture) से जानलेवा सेप्सिस और इंटरनल ब्लीडिंग हो सकती थी।
ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) क्या होता है और यह इतना बड़ा कैसे हो जाता है?
अंडाशय में तरल पदार्थ से भरी थैलियों को ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। ज्यादातर महिलाओं में मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान छोटे-मोटे सिस्ट बनते हैं और कुछ समय बाद अपने आप घुल जाते हैं, जिन्हें ‘फंक्शनल सिस्ट’ कहा जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में—जैसे कि ‘म्यूसिनस सिस्टेडेनोमा’ (Mucinous Cystadenoma) या ‘सीरस सिस्टेडेनोमा’—ये सिस्ट अपने आप ठीक नहीं होते, बल्कि इनमें तरल और जिलेटिन जैसा पदार्थ लगातार भरता रहता है। समय पर जांच न होने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के कारण यह धीरे-धीरे बढ़कर फुटबॉल या उससे भी बड़ा आकार ले लेते हैं।
किन शुरुआती लक्षणों को गलती से भी न करें नजरअंदाज?
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पेट का असामान्य फूलना: बिना वजन बढ़े केवल पेट के निचले हिस्से का तेजी से बाहर निकलना या सख्त होना।
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पेल्विक और कमर दर्द: पेट के निचले हिस्से में लगातार खिंचाव, भारीपन या हल्का-हल्का दर्द बना रहना।
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सांस लेने और खाने में परेशानी: थोड़ा सा खाना खाने पर ही पेट भरा महसूस होना और लेटने पर सांस फूलना।
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बार-बार पेशाब आना: सिस्ट के मूत्राशय पर दबाव डालने के कारण बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना।
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अनियमित पीरियड्स: माहवारी चक्र में अचानक भारी गड़बड़ी या अत्यधिक रक्तस्राव होना।
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