
सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है, और जब यह अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौमवती अमावस्या (Bhhaumvati Amavasya) कहा जाता है. इस साल आषाढ़ मास की अमावस्या आज 14 जुलाई 2026, मंगलवार को पड़ रही है.
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से मंगल ग्रह को ‘भौम’ भी कहा जाता है, इसलिए मंगलवार को आने वाली इस अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से जीवन के सभी कष्टों, कर्ज (Debt) और मंगल दोष से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है. आइए जानते हैं आज स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त क्या है और किन चीजों का दान करने से आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी.
आषाढ़ भौमवती अमावस्या 2026: स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आज दिन भर प्रभावी रहेगी. यदि आप किसी पवित्र नदी (जैसे गंगा, यमुना या सरयू) में स्नान करने जा रहे हैं, या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहते हैं, तो आज के सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
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अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 05:33 बजे से सुबह 07:18 बजे तक (यह समय सूर्योदय के ठीक बाद पवित्र स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए सबसे उत्तम है).
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शुभ चौघड़िया मुहूर्त: सुबह 09:02 बजे से दोपहर 10:47 बजे तक (इस अवधि में किया गया दान-पुण्य और पितरों के निमित्त तर्पण बेहद फलदायी माना जाता है).
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक (यह समय किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, ब्राह्मण भोज या जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र दान करने के लिए सर्वदोषनाशक माना गया है).
भौमवती अमावस्या पर इन चीजों का दान लाता है सुख-समृद्धि
शास्त्रों के अनुसार, भौमवती अमावस्या पर किए गए दान से न केवल पितृ प्रसन्न होते हैं, बल्कि कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. आज के दिन आपको अपनी क्षमता के अनुसार इन चीजों का दान अवश्य करना चाहिए:
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लाल रंग की वस्तुएं (मंगल ग्रह की शांति): चूंकि आज मंगलवार है, इसलिए हनुमान जी और मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए लाल चंदन, लाल कपड़ा, मसूर की दाल, केसर या तांबे के बर्तनों का दान किसी मंदिर में या योग्य ब्राह्मण को करें.
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गुड़ और तिल का दान: पितरों की तृप्ति के लिए आज के दिन काले तिल, गुड़ और शुद्ध घी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है.
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अन्न और जल का दान (महादान): आषाढ़ के महीने में गर्मी और उमस का प्रकोप रहता है. ऐसे में किसी प्यासे को पानी पिलाना, राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना या भूखे को गेहूं, चावल और मौसमी फलों का दान करने से कई यज्ञों के समान पुण्य मिलता है.
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भूमिपुत्रों (किसानों) को दान: मंगल को भूमिपुत्र भी कहा जाता है. आज के दिन यदि आप किसी गरीब किसान या जरूरतमंद मजदूर को खेती के उपकरण, अन्न या वस्त्र दान करते हैं, तो आपकी संपत्ति और कार्यक्षेत्र में तेजी से वृद्धि होती है.
कर्ज मुक्ति के लिए आज जरूर करें ये छोटा सा उपाय
यदि आप लंबे समय से भारी कर्ज की समस्या से परेशान हैं या आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है, तो आज शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और ऋणमोचक मंगल स्तोत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें. इसके बाद बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं. भौमवती अमावस्या के प्रभाव से कर्ज का बोझ धीरे-धीरे कम होने लगेगा और धन आगमन के नए मार्ग खुलेंगे.
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