
देश की राजधानी दिल्ली के कानून-व्यवस्था गलियारे से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ रही है। उत्तर पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) के संवेदनशील इलाके नेहरू विहार में सरेआम राशिद (Rashid) नाम के एक युवक की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है।
मृतक राशिद, इलाके के रसूखदार नागरिक हाजी यूनुस का बेटा था। घटना मंगलवार शाम की है, जब लगभग 6 बजकर 10 मिनट पर लहूलुहान हालत में राशिद को देख परिजनों ने दिल्ली पुलिस को आपातकालीन सूचना दी। गंभीर रूप से घायल राशिद को परिवार वाले आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे देखते ही ‘मृत घोषित’ (Dead on Arrival) कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे नेहरू विहार और आस-पास के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में भारी सांप्रदायिक और प्रशासनिक तनाव फैल गया है।
नमाज पढ़कर लौट रहे थे पिता; 3 शूटरों ने बरसाईं ताबड़तोड़ 7 गोलियां
हत्या की सूचना मिलते ही उत्तर पूर्वी दिल्ली के आला पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दिल्ली पुलिस के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेष विंग ने घटनास्थल की घेराबंदी कर कारतूस के खोखे और ब्लड सैंपल्स सहित तमाम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं।
वारदात की इनसाइड टाइमलाइन बताते हुए मृतक के पिता हाजी यूनुस ने रोते हुए पत्रकारों से कहा, “शाम के वक्त मैं पास की मस्जिद से नमाज पढ़कर वापस लौट रहा था। जैसे ही मैं गली पार कर अपने मकान के अंदर दाखिल हुआ, अचानक बाहर सड़क पर कड़कड़ाती गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। जब तक मैं बाहर भागा, हमलावर फरार हो चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 3 अज्ञात शूटर आए थे, जिन्होंने मेरे बेटे को घेरकर बेहद करीब से ताबड़तोड़ 7 गोलियां मारीं।” हाजी यूनुस ने बताया कि राशिद वेल्डिंग वाली रिक्शा की एक स्थानीय दुकान पर स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई का काम करता था और उसकी किसी से कोई पुरानी रंजिश की जानकारी उन्हें नहीं थी।
‘पहले भी हुई थी फायरिंग’ — छाती और पैरों को बनाया निशाना; हड्डियां टूटीं
इस वारदात के बाद परिजनों ने दिल्ली पुलिस की ढीली गश्त और लोकल इंटेलिजेंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक राशिद के मामा ने रोष प्रकट करते हुए मीडिया के सामने एक बड़ा खुलासा किया:
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6 महीने पहले का हमला: राशिद के मामा के अनुसार, ठीक छह महीने पहले भी उनके पानी के कमर्शियल प्लांट पर 5 से 6 हथियारबंद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। हालांकि, उस समय किस्मत अच्छी थी कि राशिद वहां मौजूद नहीं था और उसकी जान बच गई थी। पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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शारीरिक चोटों की भयावहता: परिजनों ने बताया कि इस बार बदमाशों ने राशिद को संभलने का मौका ही नहीं दिया। हमलावरों ने उसके शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया। डॉक्टरों की शुरुआती एक्सरे रिपोर्ट के मुताबिक, दो गोलियां राशिद की छाती (Chest) के आर-पार हो गईं, एक गोली उसकी कमर के पिछले हिस्से में धंसी, जबकि दो से तीन गोलियां सीधे उसके दोनों पैरों पर मारी गईं, जिससे उसकी पैरों की हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं।
“योगी आदित्यनाथ की तरह 24 घंटे में हो हत्यारों का एनकाउंटर” — मुख्यमंत्री से मांग
इस बर्बर हत्याकांड से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने दिल्ली के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़ित परिवार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) से सीधे तौर पर गुहार लगाते हुए एक बेहद सख्त और आक्रामक मांग रखी है।
परिजनों का कड़ा रुख: रोते-बिलखते घरवालों ने कहा, “यह पूरी तरह से दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही है। आज हमारे मोहल्ले और गलियों में सरेआम अपराधी अवैध पिस्टल लहराते घूमते हैं और कोई रोकने वाला नहीं है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (UP) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस अपराधियों को देखते ही सीधे एनकाउंटर (Encounter) कर मिट्टी में मिला देती है, लेकिन दिल्ली में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। इस मुस्लिम मोहल्ले में लगातार दुर्घटनाएं और टारगेटेड क्राइम हो रहे हैं।” परिवार ने अल्टीमेटम दिया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आगामी 24 घंटे के भीतर उन तीनों शूटरों को ढूंढकर उनका सीधे एनकाउंटर करे, वरना वे शव को सड़क पर रखकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
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