ईरान के मिसाइल अटैक के बाद बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद, यूएई-कुवैत में उड़ानें ठप, दुबई की फ्लाइट्स भी बड़े पैमाने पर रद्द

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में ईरान द्वारा किए गए ताजा मिसाइल हमलों के बाद अब पूरी दुनिया के विमानन क्षेत्र और हवाई यात्रा रूट में बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। फारस की खाड़ी में युद्ध के हालात बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई देशों ने अभूतपूर्व और कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में अचानक बढ़े अत्यधिक तनाव के बीच बहरीन सरकार ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को नागरिक विमानों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत में भी विमानन सेवाएं बेहद बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बुधवार की सुबह अमेरिकी सेना ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए बताया कि कुवैत और बहरीन की तरफ दागी गईं ईरान की कई खतरनाक मिसाइलें या तो तकनीकी खराबी के चलते नाकाम हो गईं या फिर उन्हें अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम द्वारा हवा में ही मार गिराया गया है। इस हमले के फौरन बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी पलटवार किया है।

अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप स्थित सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को बमबारी कर उड़ाया

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस जवाबी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण बमबारी की है। अमेरिकी हमलों में वहां मौजूद ईरान के एक प्रमुख सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है, जहां एक बड़ा डिसेलिनेशन प्लांट (जल अलवणीकरण संयंत्र) भी स्थित था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह ताजा और घातक हमला तब हुआ जब ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका के साथ चल रही संघर्ष-विराम (Ceasefire) को बढ़ाने से संबंधित मध्यस्थों की बातचीत को अचानक एकतरफा रूप से बंद कर दिया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए वाशिंगटन में कहा कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत का सिलसिला अभी भी लगातार जारी है।

फारस की खाड़ी के आसमान में फंसे दर्जनों विमान, एयरलाइनों ने बदले अपने रूट

इस खतरनाक हवाई हमले और जवाबी बमबारी के बाद फारस की खाड़ी के आस-पास का पूरा हवाई क्षेत्र एक युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो चुका है। आसमान में उड़ान भर रही विभिन्न देशों की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स इस समय फारस की खाड़ी के पास के हवाई क्षेत्र से या तो यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं या फिर डाइवर्ट होकर सुरक्षित ठिकानों पर उतर रही हैं। युद्ध के इस सीधे और भयानक खतरे को देखते हुए दुनिया भर की कई दिग्गज और नामी एयरलाइनों ने दुबई, तेल अवीव और मध्य-पूर्व के अन्य प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द या निलंबित करने का ऐतिहासिक एलान कर दिया है।

वैश्विक एयरलाइनों द्वारा फ्लाइट्स कैंसलेशन की पूरी लिस्ट आई सामने

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के हालातों को देखते हुए दुनिया भर की प्रमुख विमानन कंपनियों ने आगामी महीनों के लिए अपना नया शेड्यूल और निलंबन सूची जारी कर दी है, जो इस प्रकार है:

  • ग्रीस की सबसे बड़ी विमानन कंपनी एजियन एयरलाइंस ने 31 अगस्त तक दुबई के लिए और 2 जुलाई तक एरबिल व बगदाद के लिए अपनी सभी उड़ानें पूरी तरह रद्द कर दी हैं।

  • एयर बाल्टिक ने सुरक्षा कारणों से 28 जून तक तेल अवीव के लिए और आगामी 24 अक्टूबर तक दुबई के लिए अपनी विमान सेवाओं को पूरी तरह निलंबित रखा है।

  • एयर कनाडा ने आगामी 7 सितंबर तक के लिए तेल अवीव और दुबई जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को पूरी तरह निरस्त कर दिया है।

  • एयर फ्रांस KLM ने स्थिति की समीक्षा करते हुए 17 जून तक बेरूत और दुबई के लिए तथा 2 जून तक रियाद के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।

  • ब्रिटिश एविएशन ग्रुप IAG ने दुबई, दोहा और तेल अवीव के लिए अपनी उड़ानों की दोबारा बहाली को 1 अगस्त तक के लिए टाल दिया है और इस क्षेत्र में उड़ानों की कुल संख्या में बड़ी कटौती करने की योजना बनाई है।

  • यूरोप की सबसे बड़ी एयरलाइंस लुफ्थांसा, SWISS और ITA एयरवेज ने एक साझा फैसला लेते हुए आगामी 13 सितंबर तक के लिए दुबई रूट की अपनी सभी फ्लाइट्स को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है।