
महीनों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के थपेड़े झेल रहे करोड़ों भारतीयों के लिए आखिरकार प्रकृति की तरफ से एक बहुत ही राहत भरी खबर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अरब सागर के रास्ते अब किसी भी क्षण केरल के तट पर दस्तक दे सकता है।
मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित देश के 17 राज्यों के मौसम में अचानक एक बड़ा यू-टर्न आने वाला है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में न सिर्फ भारी बारिश, बल्कि ओलावृष्टि और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले विनाशकारी तूफानों का भी अलर्ट जारी किया है।
अल नीनो ने बिगाड़ा खेल, इसलिए हुई मानसून में देरी
आमतौर पर हर साल मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंच जाता है और मौसम विभाग ने पहले इसके 26 मई तक आने का अनुमान जताया था। लेकिन इस बार प्रशांत महासागर में सक्रिय ‘अल नीनो’ (El Nino) के प्रभाव के कारण मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई और इसमें कुछ दिनों की देरी हुई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून केरल और तमिलनाडु के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ लक्षद्वीप द्वीप समूह में पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। इस साल अल नीनो की वजह से देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से थोड़ी कम बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन शुरुआती दौर में यह देश के एक बड़े हिस्से को गर्मी से तुरंत राहत देगा।
आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 1 जून से 7 जून के बीच का जो विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, उसे आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:
पहाड़ी इलाकों में ओले गिरने की आशंका, ओडिशा में 70 किमी की रफ्तार से तूफान
मौसम विभाग की इस चेतावनी में पहाड़ी राज्यों को विशेष तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई इलाकों में 3 से 5 जून के बीच तेज आंधी के साथ भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) हो सकती है, जिससे बागवानी और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही राजस्थान में भी 3 से 5 जून के बीच धूलभरी हवाओं के साथ छिटपुट बारिश होने से तापमान में भारी गिरावट आएगी।
पूर्वी भारत की बात करें तो ओडिशा में 2 जून को ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की शुरुआत हो जाएगी, जिसके बाद 3 से 5 जून के दौरान वहां मूसलाधार बारिश होगी। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 4 से 6 जून के बीच भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में जून के अंत यानी 6 और 7 जून को भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। कुल मिलाकर, यह हफ्ता देश के एक बड़े हिस्से को भीषण गर्मी से निजात दिलाने वाला साबित होगा।
girls globe